नई दिल्ली, 11 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 13 अक्टूबर को 9वें पी-20 शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को एक बयान में दी। शिखर सम्मेलन के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 14 अक्टूबर को समापन भाषण देंगे।
लोकसभा सचिवालय ने बताया कि जी-20 देशों की संसद के पीठासीन अधिकारियों के अलावा आमंत्रित देशों की संसद के पीठासीन अधिकारी भी सम्मेलन में भाग लेंगे। पैन अफ्रीकी संसद के अध्यक्ष भारत में आयोजित पी-20 शिखर सम्मेलन में पहली बार भाग लेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली के द्वारका स्थित नवनिर्मित भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और एक्सपो सेंटर में किया जाएगा।
ब्राज़ील के चैंबर ऑफ डेप्युटीज़ के प्रेसिडेंट आर्थर सीज़र परेरा डी लीरा, हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर सर लिंडसे हॉयल, पैन अफ्रीकी यूनियन के प्रेसिडेंट डॉ. अशेबीर डब्ल्यू गायो, मेक्सिको सीनेट की प्रेसिडेंट एना लिलिया रिवेरा रिवेरा, कोरिया गणराज्य की नेशनल असेंबली के स्पीकर किम जिन-प्यो, दक्षिण अफ्रीका की नेशनल काउंसिल ऑफ प्रोविंसेस के चेयरपर्सन अमोस मासोंडो, ओमान की स्टेट काउंसिल के चेयरमैन शेख अब्दुलमलिक अब्दुल्ला अल खलीली, दुआर्ते पचेको शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज भारत पहुंचे गए हैं।
बांग्लादेश की संसद की स्पीकर डॉ. शिरीन शर्मिन चौधरी 10 अक्टूबर को ही दिल्ली पहुंच गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की सीनेट की प्रेसिडेंट सीनेटर सू लाइन्स और ऑस्ट्रेलिया के हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर मिल्टन डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 07 अक्टूबर को नई दिल्ली पहुंचे।
लोकसभा सचिवाल के मुताबिक "वसुधैव कुटुंबकम- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के लिए संसद" की भावना के अनुरूप इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक एकता और सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला जाएगा। इसके पीछे निहित धारणा यह है कि पूरा विश्व एक परिवार है और आज हमसब मिलकर जो कार्यवाही करेंगे, उसी से पूरी दुनिया के सभी लोगों का भविष्य निर्धारित होगा। यह विषय पूरी दुनिया की संसदों और देशों के लिए एक संदेश होगा कि सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, महिला-पुरुष समानता और शांति जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सीमाओं के बंधन और मतभेदों से ऊपर उठकर परस्पर सहयोग करते हुए प्रयास करने की आवश्यकता है।
