नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने गुरुवार को हरियाणा के मेवात जिला के दंगा प्रभावित नूंह और सोहना का दौरा कर हालात की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने कहा कि मेवात में हुआ दंगा सुनियोजित नहीं था। इस दंगे में बाहरी तत्वों और सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने अपने कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में इस दंगे में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही उन्होंने कहा है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि वहां पर मौजूद लोगों से बातचीत करने से इस बात का पता चला है कि स्थानीय लोग आज भी आपस में मिलजुल करके रह रहे हैं और उनके अंदर किसी भी तरह का कोई तनाव मौजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मथुरा जाने वाली धार्मिक यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर मुसलमान ने हिंदू तीर्थ यात्रियों की जगह जगह सेवा की है और उन्हें भोजन आदि भी कराया है। लालपुरा ने कहा है कि मेवात क्षेत्र में सांप्रदायिक दंगे को रोक पाने में स्थानीय पुलिस प्रशासन नाकाम रहा है। पुलिस प्रशासन को पहले से ही इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए थी।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस ने बताया है कि एक दिन पूर्व क्षेत्र में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई थी। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस को वहां पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने की जानकारी मौजूद थी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दंगा प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए बैठकों का आयोजन किया जाएगा और सभी धर्मों के लोगों को एक साथ बैठकर शांति बहाल करने की कोशिश की जाएगी।
इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत में 18 प्रतिशत अल्पसंख्यक आबादी थी, जो अब बढ़कर 21 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसके विपरीत पड़ोसी देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यक आबादी 21 प्रतिशत से घटकर मात्र चार प्रतिशत रह गई है। बांग्लादेश में भी अल्पसंख्यकों की आबादी घटकर मात्र 9 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पंजाब में कभी भी आम पंजाबी खालिस्तान का समर्थन नहीं करता है। कुछ चुटकी भर लोग खालिस्तान की विदेश में बैठकर बात करते हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार की 125 योजनाएं आम लोगों के जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं। इसका लाभ अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी उठा रहे हैं, लेकिन अगर अल्पसंख्यकों के लिए प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम को मिला लिया जाए, तो अल्पसंख्यकों के लिए वर्तमान में 140 योजनाएं कार्य कर रही है। इसका लाभ अल्पसंख्यक समुदाय के लोग उठा रहे हैं।
उन्होंने संसद में भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी के जरिए एक अल्पसंख्यक समुदाय के सांसद कुंवर दानिश पर की गई अभद्र टिप्पणी पर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए कहा कि यह संसद के अंदर का मामला है लेकिन हम हमेशा भड़काऊ और नफरत वाले भाषणों के खिलाफ हैं। आयोग हमेशा इस तरह के मामले में चाहे वह कहीं पर भी घटित होते हैं, तत्काल नोटिस भेजता है और संबंधित जिला और राज्य सरकारों से रिपोर्ट तलब करता है।
