नई दिल्ली, 20 अक्टूबर । भारतीय नौसेना की मेजबानी में बहुपक्षीय अभ्यास ‘मिलान’ पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम में होगा, जिसके लिए 50 से अधिक मित्र राष्ट्रों को आमंत्रित किया गया है। अगले साल 19-27 फरवरी के बीच होने वाले अभ्यास की तैयारियों के सिलसिले में पूर्वी नौसेना कमान ने मित्रवत विदेशी नौसेनाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की, जिसमें आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों को बंदरगाह और समुद्री चरण के बारे में जानकारी दी गई।
कमांडर विवेक मधवाल ने बताया कि नौसेना का फ्लैगशिप इवेंट 'मिलान' द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसे 1995 में भारतीय नौसेना ने शुरू किया था। इसकी मूल रूप से भारत की 'लुक ईस्ट पॉलिसी' के अनुरूप कल्पना की गई थी, जिसका बाद में भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के रूप में विस्तार हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (एसएजीएआर) पहल में अन्य मित्र देशों की भागीदारी शामिल है। अभ्यास के पिछले संस्करण में 39 देशों ने भाग लिया था।
उन्होंने बताया कि अभ्यास के बंदरगाह चरण में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगोष्ठी, आरके बीच पर सिटी परेड, स्वावलंबन प्रदर्शनी, विषय वस्तु विशेषज्ञ विनिमय और युवा अधिकारियों का मिलन शामिल होगा। भारतीय नौसेना इकाइयों के साथ मित्र देशों के जहाज, समुद्री गश्ती विमान और पनडुब्बियां समुद्री चरण में भाग लेंगे। इनमें बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास, उन्नत वायु रक्षा संचालन, पनडुब्बी रोधी युद्ध और सतह रोधी युद्ध संचालन शामिल होंगे। इस बार का अभ्यास जी-20 प्रेसीडेंसी के अनुरूप है, जो एक बार फिर जी-20 की थीम 'वसुधैव कुटुंबकम' को साकार करेगा।
