नई दिल्ली, 07 जून । केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि देश में अगले पांच साल में हवाईअड्डे, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम की संख्या 220 तक ले जाने का लक्ष्य है।
मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम सिंधिया ने आज नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्रालय की पिछले नौ वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एविएशन सेक्टर जो कुछ ही लोगों तक सीमित था, वह आम आदमी की पहुंच में है।”
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 तक देश में केवल 74 हवाईअड्डे संचालित थे। मार्च 2023 तक, सरकार ने अन्य 74 हवाई अड्डों/हेलीकॉप्टरों/वाटर एयरोड्रोमों का संचालन किया और भारत सरकार का लक्ष्य इसे 220 तक ले जाना है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “सरकारों ने पिछले 68 सालों में जो कुछ किया है, मोदी सरकार ने 9 सालों में किया है। यह संख्या 74 से 148 तक पहुंच गई है। हमारा लक्ष्य हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोड्रोम सहित इसे मिलाकर अगले पांच सालों में 200-220 करना है।”
सिंधिया ने बताया कि पिछले 9 वर्षों के दौरान 11 और ग्रीनफील्ड हवाईअड्डों का संचालन किया गया है। उड़ान योजना के तहत देश में आरसीएस उड़ानों के संचालन के लिए 25 वाटर एयरोड्रोम और 40 हेलीपैड सहित 180 आरसीएस हवाई अड्डों की पहचान की गई है।
हवाई किराए के विषय पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने 2 दिन पहले एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ अपनी बैठक की जानकारी दी, जिसके परिणामस्वरूप किराये में कमी आई है।
मंत्री ने कहा, “ओडिशा त्रासदी के दुर्भाग्यपूर्ण मामले में, एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि वे मृतकों के परिवारों को मुफ्त कैरिज (कार्गो) सेवाएं प्रदान करें।” मंत्री ने यह भी बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय की भूमिका एक नियामक की नहीं बल्कि एक सुविधाप्रदाता की है।
