लाल किले से प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ नफरत का माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी के माध्यम से भ्रष्टाचार से मुक्ति का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले नौ साल में लगभग दस करोड़ लोगों के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े को रोकने का पवित्र काम किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वन वर्ल्ड, वन फैमली, वन फ्यूचर की सोच को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सी डी आर आई समाधान के रूप में दुनिया को उपलब्ध कराया है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत विश्व मंगल की नींव डाल रहा है। इसे आगे बढ़ाने के लिए सबको प्रयास करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आने वाली पीढ़ी को ऐसा समृद्ध और संतुलित देश देना है, जिसमें उन्हें छोटी-छोटी चीजों को पाने के लिए संघर्ष न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यह अमृतकाल, कर्तव्य काल है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्ष में कुछ कुरीतियों ने हमारे जीवन में घर बना लिया है। इनमें भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण तीन प्रमुख बुराई है। उन्होंने कहा कि हमें आगे बढ़ना है तो भ्रष्टाचार से मुक्ति पानी होगी। परिवारवाद ने देश को जकड़ कर रखा है। तुष्टिकरण ने हमारे राष्ट्रीय चरित्र को तहस नहस कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमें भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण की तीन कुरीतियों को दूर करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद और तुष्टिकरण की बुराई लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल परिवार को, परिवार के लिए, परिवार द्वारा के मंत्र पर काम कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण की सोच और राजनीति ने सामाजिक न्याय पर कुठाराघात किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में किए गए परिवर्तन के वादों को पूरा करने के लिए रिफॉर्म, परफार्म और ट्रांसफॉर्म के कारण विश्वास में बदला गया है। उन्होंने कहा कि 2019 में परफॉर्मेंस के कारण लोगों ने समर्थन दिया।
