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मुरिगंगा नदी में डूबा बांग्लादेशी मालवाहक जहाज, सभी 12 नाविक सुरक्षित

Date : 22-Jan-2026

 कोलकाता, 22 जनवरी  पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिला स्थित मुरिगंगा नदी में एक बांग्लादेशी मालवाहक जहाज के डूबने की घटना से तटीय इलाकों में बुधवार रात हड़कंप मच गया। यह हादसा बुधवार शाम कचुबेरिया के पास मुरिगंगा नदी के बीचों बीच हुआ। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जहाज कोलकाता बंदरगाह से माल लेकर बांग्लादेश की ओर जा रहा था। दुर्घटनाग्रस्त जहाज का नाम एमवी तामजीद एंड नासिर बताया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जहाज के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण जहाज नियंत्रण खो बैठा और नदी की तेज धारा की चपेट में आ गया। कुछ ही समय में जहाज के निचले हिस्से में दरार पड़ गई और उसमें पानी भरने लगा। स्थिति बिगड़ती देख जहाज पर सवार नाविकों ने तुरंत मदद की गुहार लगाई।

सूचना मिलते ही सागर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित बचाव अभियान शुरू किया गया। जहाज पर मौजूद सभी 12 बांग्लादेशी नाविकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। सभी बचाए गए नाविकों को प्राथमिक उपचार भी दिया गया।

बता दें कि, मुरी गंगा नदी पश्चिम बंगाल राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले में हुगली नदी की एक वितरिका है, जिसे बरतला नदी या चैनल क्रीक भी कहा जाता है। बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले, हुगली नदी दो भागों में बंट जाती है, जिनमें से एक धारा सागर द्वीप के पूर्व से होकर गुजरती है। इस धारा को बरताला नदी या चैनल क्रीक कहा जाता है, जिसे स्थानीय रूप से मुरी गंगा के नाम से जाना जाता है।

फिलहाल, यह जांच की जा रही है कि डूबा हुआ जहाज किस प्रकार का माल लेकर जा रहा था। साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि नदी में किसी तरह का तेल या हानिकारक रसायन तो नहीं फैला है। एहतियातन पर्यावरण विभाग को सूचित कर दिया गया है और नदी के पानी की जांच की तैयारी की जा रही है।

इस घटना के चलते कुछ समय के लिए मुरिगंगा नदी मार्ग पर नौवहन बाधित रहा। कई लॉन्च और मालवाहक नौकाओं को सावधानी के तौर पर वैकल्पिक मार्ग से भेजा गया। स्थानीय मछुआरे भी संभावित प्रदूषण को लेकर चिंतित नजर आए।

प्रशासन की ओर से बताया गया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही डूबे हुए जहाज को जल्द से जल्द नदी से निकालने की योजना भी बनाई जा रही है।


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