आयोग ने कहा कि दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक कामगारों को भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश का अधिकार है। इसने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है कि सभी मतदाता स्वतंत्र रूप से और सुविधापूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। चुनाव निकाय ने आगे बताया कि जो मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र से बाहर स्थित औद्योगिक या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में काम करते हैं या कार्यरत हैं, लेकिन मतदान वाले निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, वे भी सवैतनिक अवकाश के लाभ के हकदार होंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अन्य विभागों के कार्य से मुक्ति हेतु साैंपा ज्ञापन
बीजापुर, 03 अप्रैल । जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने अपने मूल कार्य के अलावा अन्य विभागों के कार्य में लगाए जाने पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में आज शुक्रवार काे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6 घंटे का निर्धारित कार्य समय होने के बावजूद अन्य विभागों के कार्यों में भी लगाया जा रहा है। इससे न केवल उनका मूल कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं ने उल्लेख किया कि शासन द्वारा पूर्व में आदेश जारी कर स्पष्ट किया गया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से आईसीडीएस विभाग के अलावा अन्य कार्य नहीं लिए जाएंगे। इसके बावजूद उन्हें बएलओ ड्यूटी, सर्वे कार्य सहित अन्य जिम्मेदारियों में लगातार लगाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।
हाल ही में रायपुर में आयोजित बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, जहां प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर में अन्य विभागों के कार्य से मुक्ति की मांग की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें केवल उनके विभागीय कार्य तक सीमित रखा जाए, ताकि वे पूरी जिम्मेदारी और गुणवत्ता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
