नई दिल्ली, 30 मई। दिल्ली पुलिस के पूर्वी रेंज ने जनता का भरोसा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए शनिवार को "ऑपरेशन विश्वास" के तहत 532 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंप दिए। महाराजा अग्रसेन कॉलेज, न्यू अशोक नगर में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने दिल्ली पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने वाली पहल बताया।
पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) जोन-1 देवेश चंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे। इनके अलावा उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल, शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा, एसीपी, एसएचओ और तीनों जिलों के पुलिस अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
साइबर ठगी और नशे के खिलाफ किया जागरूक
कार्यक्रम की शुरुआत साइबर जागरूकता और ड्रग अवेयरनेस सत्र से हुई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए। साथ ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार राजीव कुमार ने कहा कि ऑपरेशन विश्वास दिल्ली पुलिस की जनहित, पारदर्शी पुलिसिंग और तकनीक आधारित जांच के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि खोई और चोरी हुई संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना पुलिस की सेवा-भावना को दर्शाता है। उन्होंने मोबाइल फोन बरामद करने और कार्यक्रम के आयोजन में शामिल पुलिस टीमों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। अपना खोया मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए और दिल्ली पुलिस की तत्परता तथा नागरिक-अनुकूल कार्यशैली की प्रशंसा की। वहीं ऑपरेशन विश्वास के तहत मोबाइल फोन बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्वी, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस अधिकारियों और टीमों को सम्मानित भी किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी मेहनत, समर्पण और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की।
