जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को पुराने भारतीय सुपरफूड सत्तू को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं। भुने हुए बंगाल चने से बनने वाला सत्तू भारत के कई हिस्सों में लंबे समय से गर्मियों का अहम हिस्सा रहा है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में इसे जौ
आयुर्वेद के अनुसार, सत्तू शरीर में पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है। यही वजह है कि इसे गर्मियों का बेहतरीन फूड माना जाता है।
नेचुरल प्रो
एक समय में सिर्फ कुछ राज्यों तक सीमित रहने वाला सत्तू अब देशभर में लोकप्रिय हो चुका है। पहले इसे ‘गरीब आदमी का प्रोटीन’ कहा जाता था, लेकिन आज यह सुपरमार्केट से लेकर स्ट्रीट
क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. नूपुर कृष्णन के मुताबिक, सत्तू में भरपूर मात्रा में इनसॉल्युबल फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम पाए जाते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाने, कब्ज से राहत दिलाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। साथ ही, वजन घटाने वालों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद माना जाता है।
शरीर को रखता है हाइड्रेटेड
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सत्तू का शरबत बेहद लोकप्रिय है। इसमें मौजूद मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं।
मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की चीफ डाइटीशियन विदिशा पारेख बताती हैं कि हर 100 ग्राम सत्तू में लगभग 24.5 ग्राम प्रोटीन होता है। यह गर्मियों में होने वाली थकान को दूर करने और शरीर को एनर्जी देने का काम करता है।
स्किन और दिल दोनों के लिए फायदेमंद
सत्तू सिर्फ शरीर को ठंडक ही नहीं देता, बल्कि स्किन हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स स्किन को हाइड्रेट रखने, एजिंग कम करने और त्वचा की इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करते हैं।
इसके अलावा, सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है। यही वजह है कि डायबिटीज मरीजों के लिए भी इसे अच्छा विकल्प माना जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
हालांकि सत्तू को हेल्दी माना जाता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। जिन लोगों को थायरॉइड या किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें इसे नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। आयुर्वेद में भी सूरज ढलने के बाद सत्तू न खाने की सलाह दी जाती है।
स्वादिष्ट और हेल्दी सत्तू रेसिपीज
सत्तू पराठा
सत्तू पराठा गर्मियों के लिए एक हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प है। इसकी स्टफिंग में सत्तू, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, अजवाइन, चाट मसाला और आम का अचार मिलाया जाता है। देसी घी में सिकने के बाद इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
सत्तू पुदीना हम्मस
यह हम्मस का इंडियन और हेल्दी वर्जन है, जिसे सत्तू, दही, पुदीना और भुने लहसुन से तैयार किया जाता है। यह प्रोटीन से भरपूर और शरीर को ठंडक देने वाला शानदार स्नैक है।
