बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश अराजकता, असुरक्षा और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का सामना कर रहा है, जहां भीड़ हिंसा और उग्रवाद पूरे देश में फैल रहा है। कल शाम नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ऑडियो संदेश देते हुए सुश्री हसीना ने कहा कि वर्तमान में बांग्लादेश एक गहरे संकट के कगार पर खड़ा है और अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए लोकतंत्र बहाल करने, हिंसा और अराजकता को समाप्त करने, नागरिक सेवाओं को ठीक से काम करने की अनुमति देने, धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों, महिलाओं, लड़कियों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित कई कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने बांग्लादेश अवामी लीग और अन्य विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के उद्देश्य से किए गए राजनीतिक कृत्यों को समाप्त करने का आह्वान किया और संयुक्त राष्ट्र से पिछले वर्ष की घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया। बांग्लादेश के नागरिकों से हार न मानने का आग्रह करते हुए उन्होंने लोकतंत्र को पुनः स्थापित करने के लिए जन समर्थन की अपील की।
