नई दिल्ली, 06 अप्रैल। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित किये हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 का उद्देश्य भारत में स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा सहित पूरी शिक्षा प्रणाली को बदलना है। स्कूली शिक्षा बच्चे के जीवन की आधारशिला का काम करती है। एनईपी-2020 स्कूली शिक्षा के संदर्भ में, 10 2 संरचना से 5 3 3 4 में बदलाव की सिफारिश करती है और विभिन्न चरणों- फाउन्डेशनल, प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक में पाठ्यचर्या और शैक्षणिक बदलावों का सुझाव देने वाले विकासात्मक दृष्टिकोण पर जोर देता है। एनईपी-2020 सांस्कृतिक जड़ता, समानता और समावेश, बहुभाषावाद, अनुभवात्मक शिक्षा, सामग्री भार में कमी, पाठ्यक्रम में कला और खेल के एकीकरण आदि को एकीकृत करने वाली योग्यता-आधारित शिक्षा पर केंद्रित है।
एनईपी 2020 के अनुवर्ती के रूप में, चार राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखाओं का विकास, अर्थात, स्कूली शिक्षा के लिए एनसीएफ, प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा के लिए एनसीएफ, शिक्षक शिक्षा के लिए एनसीएफ और प्रौढ़ शिक्षा के लिए एनसीएफ शुरू किया गया है। एनसीएफ के विकास को शुरू करने और मार्गदर्शन करने के लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा डॉ. के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति की स्थापना की गई थी।
