दिल्ली विधानसभा का 18 देशों के 43 प्रतिनिधियों ने किया दौरा | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

दिल्ली विधानसभा का 18 देशों के 43 प्रतिनिधियों ने किया दौरा

Date : 21-Apr-2026

 नई दिल्ली, 21 अप्रैल। दिल्ली विधानसभा का 18 देशों के 43 प्रतिनिधियों के दल ने मंगलवार को दौरा किया। ये प्रतिनिधि बांग्लादेश, भूटान, ओमान, केन्या, श्रीलंका, फिलीपींस और तंजानिया सहित विभिन्न देशों से आए थे और लोकसभा सचिवालय के संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा आयोजित 37वें अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि विधायी मसौदा-निर्माण लोकतांत्रिक शासन का मूल है; किसी कानून की सटीकता ही तय करती है कि वह अधिकारों की रक्षा कितनी प्रभावी ढंग से करता है, जवाबदेही सुनिश्चित करता है और आम नागरिकों के जीवन को कैसे प्रभावित करता है।

विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि विधानसभा परिसर को एक विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां एक संग्रहालय बनाया जा रहा है जो विधानसभा की यात्रा को दर्शाएगा। इसके अलावा, इसके इतिहास को जनता तक पहुंचाने के लिए लाइट एंड साउंड शो की भी योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने विधानसभा के ऐतिहासिक और संस्थागत महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान भवन, जो 1912 में बना, पहले इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल का मुख्यालय था और बाद में 1919 के भारत सरकार अधिनियम के तहत केंद्रीय विधान सभा के रूप में उपयोग हुआ। उन्होंने 24 अगस्त 1925 को श्री विठ्ठलभाई पटेल के पहले भारतीय अध्यक्ष के रूप में चुने जाने को याद किया और इसे औपनिवेशिक शासन के दौरान विधायी स्वायत्तता की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

महात्मा गांधी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं की इस भवन में उपस्थिति का जिक्र करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह संस्था केवल शासन का केंद्र नहीं रही, बल्कि लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति का भी मंच रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधियों ने विधानसभा भवन का भ्रमण किया। उन्हें विठ्ठलभाई पटेल पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई और ‘एक शताब्दी यात्रा’ नामक कॉफी टेबल बुक का परिचय भी दिया गया। इस पुस्तक की एक प्रति प्राइड के निदेशक राजकुमार को लोकसभा पुस्तकालय के लिए भेंट की गई।

गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधान सभा ने कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब विधानसभा पूरी तरह सौर ऊर्जा पर संचालित हो रही है। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के लागू होने से कार्यवाही पूरी तरह पेपरलेस हो गई है, जिससे प्रक्रियाएं अधिक सुगम और सुलभ बनी हैं। उन्होंने आगे बताया कि विधानसभा पुस्तकालय का डिजिटाइजेशन कार्य प्रगति पर है, जिससे शोध कार्य में मदद मिलेगी और अभिलेख सुरक्षित रहेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व पर जोर देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायी मसौदा-निर्माण केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों को भी दर्शाता है। उन्होंने प्रतिभागियों को आपसी संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और जिम्मेदारी के साथ कानून निर्माण की प्रक्रिया को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा संस्थागत सीख और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां प्रतिभागियों ने विधानसभा के अधिकारियों के साथ बातचीत कर इसकी कार्यप्रणाली को करीब से समझा।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement