हैदराबाद, 21 अप्रैल । तेलंगाना की कलेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और करीमनगर से सांसद बंडी संजय कुमार ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के कथित दोहरे रुख पर सवाल खड़े किए हैं।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बंडी संजय ने कहा कि जो मुख्यमंत्री पहले इस परियोजना में एक लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते थे, वही अब केंद्र सरकार को लिखे पत्र में इसे केवल 9,000 करोड़ रुपये का घोटाला बता रहे हैं। उन्होंने पूछा कि इस बदलाव के पीछे क्या कारण है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद क्या पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इस कथित घोटाले की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) किस आधार पर आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री के बदले हुए रुख पर हैरानी जताते हुए उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी, जिन्होंने पहले इस परियोजना को बेकार बताते हुए “गोदावरी में बह गया” कहा था, अब उसी परियोजना के तीन बैराजों के पुनर्निर्माण और पुनर्वास की बात कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने कलेश्वरम परियोजना को “एटीएम” की तरह इस्तेमाल किया, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि गोदावरी नदी से पानी उठाने के लिए इस्तेमाल किए गए महंगे मोटरों की खरीद में भी अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए।
बंडी संजय कुमार ने यह भी कहा कि अतीत में कांग्रेस और बीआरएस के बीच गठबंधन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बीआरएस के बीच किसी भी प्रकार के गठजोड़ को लेकर “दुष्प्रचार” करने से बचने की सलाह दी।
