केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गगनयान मिशन के लिए दूसरे इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) की सफलतापूर्वक पूर्ति पर इसरो को बधाई दी है। उन्होंने इसे भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
Indian Space Research Organisation द्वारा यह परीक्षण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में सफलतापूर्वक किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह गगनयान मिशन की तैयारी में एक अहम कदम है।
भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ अब 2027 में लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है। इस मिशन के लिए सरकार ने करीब 10,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि गगनयान के लिए बिना चालक (अनक्रूड) मिशनों की तैयारी तेज़ी से चल रही है। अंतिम मानव मिशन से पहले तीन अनक्रूड मिशन भेजे जाएंगे।
इस बीच, 4 अप्रैल को भारत के चार चयनित अंतरिक्ष यात्रियों ने लद्दाख में ‘मिशन मित्रा’ के तहत उच्च ऊंचाई पर परीक्षण शुरू किया। इस परीक्षण का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में मानव क्षमता का आकलन करना है।
इस मिशन में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और पी. बालकृष्णन नायर सहित अन्य अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह कार्यक्रम वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम के सहयोग से चलाया जा रहा है।
गगनयान मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो देश को मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।
