छत्तीसगढ़ अपनी प्राचीन संस्कृति और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें भोरमदेव, डोंगरगढ़ (बम्लेश्वरी), दंतेश्वरी मंदिर, राजिम लोचन और सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर प्रमुख हैं। भोरमदेव को 'छत्तीसगढ़ का खजुराहो' कहा जाता है, जबकि दंतेश्वरी शक्तिपीठ बहुत आस्था का केंद्र है। ये मंदिर अपनी वास्तुकला और धार्मिक महत्व के लिए जाने जाते हैं।
छत्तीसगढ़ के 5 प्रसिद्ध मंदिर:
1.भोरमदेव मंदिर (कवर्धा): इसे 'छत्तीसगढ़ का खजुराहो' कहा जाता है। 11वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और अपनी शानदार पत्थर की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है
2.माँ बम्लेश्वरी मंदिर (डोंगरगढ़): यह मंदिर राजनांदगांव जिले में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। नवरात्रि के दौरान यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है
3.दंतेश्वरी मंदिर (दंतेवाड़ा): यह 52 शक्तिपीठों में से एक है और माँ दंतेश्वरी को समर्पित है। यह बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी मानी जाती हैं।
4.राजीव लोचन मंदिर (राजिम): महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम पर स्थित यह प्राचीन मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है, जिसे छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है जिला गरियाबंद।
5.लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर): महासमुंद जिले में स्थित यह मंदिर भारत के सबसे अच्छे ईंट मंदिरों में से एक है, जो सातवीं शताब्दी के दौरान भगवान विष्णु को समर्पित किया गया था।
