नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत आईएनएस ‘सागरध्वनि’ गुरुवार को हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सागर मैत्री मिशन-4 पर रवाना हुआ। इसका मकसद समुद्री अनुसंधान और हिंद महासागर क्षेत्र के साथ दीर्घकालिक वैज्ञानिक साझेदारी स्थापित करना है।
सागर मैत्री डीआरडीओ की एक अनूठी पहल है, जो सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ अधिक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक बातचीत में घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' (एसएजीएआर) के व्यापक उद्देश्य का समर्थन करती है। इसका फायदा विशेष रूप से हिंद महासागर रिम (आईओआर) देशों के बीच समुद्री अनुसंधान में होगा। इसी के तहत डीआरडीओ ने सागर मैत्री मिशन शुरू किया, जो 'महासागर अनुसंधान और विकास' के क्षेत्र में आईओआर देशों के साथ दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करने पर केंद्रित है।
आईएनएस सागरध्वनि डीआरडीओ की नौसेना भौतिक और समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (एनपीओएल) का समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत है। इसे दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी), कोच्चि से दो महीने लंबे सागर मैत्री मिशन-4 पर रवाना किया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने कार्यवाहक फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (दक्षिण) रियर एडमिरल उपल कुंडू और भारतीय नौसेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जहाज को हरी झंडी दिखाई।
