ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा द्वारा कल दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा को अध्यक्षता सौंपने के साथ ही 19वां जी-20 शिखर सम्मेलन समाप्त हो गया। अपने समापन भाषण में राष्ट्रपति लूला ने ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में बात की।
इन पहलों में भूख और गरीबी के खिलाफ वैश्विक गठबंधन की शुरूआत, कर लगाने पर अभूतपूर्व बहस शुरू करना, जलवायु परिवर्तन को वित्त मंत्रालयों और केंद्रीय बैंकों के एजेंडे में लाना और जैव अर्थव्यवस्था पर पहला बहुपक्षीय दस्तावेज स्वीकृत करना शामिल है।
वैश्विक शासन को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने के लिए सुधारों हेतु कार्रवाई का आह्वान तथा जी-20 सोशल के माध्यम से समाज के साथ संवाद स्थापित करना भी पहलों में से एक है।
इन कार्यों में महिला सशक्तिकरण कार्य समूह की स्थापना, नस्लीय समानता को बढ़ावा देने के लिए अठारहवें सतत विकास लक्ष्य का प्रस्ताव, 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने की प्रतिबद्धता जारी रखना, टीकों और दवाओं के स्थानीय क्षेत्रीय उत्पादन के लिए गठबंधन बनाना भी शामिल है।
शिखर सम्मेलन के दौरान, नई और लगातार स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए सामूहिक प्रतिक्रिया को पूरा करने के लिए डब्ल्यूएचओ निवेश दौर आयोजित किए गए। वैज्ञानिक और तकनीकी उत्पादन में विषमताओं के खिलाफ खुले नवाचार में सहयोग को बढ़ावा देने की रणनीति और जी 20 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शासन पर एक टास्क फोर्स की स्थापना करने का भी फैसला किया गया।
राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता के बाद, सभी जी-20 देश कम से कम एक बार समूह का नेतृत्व कर चुके होंगे।
इस कार्यक्रम को कवर करते हुए हमारे संवाददाता ने बताया कि ब्राजील जी-20 शिखर सम्मेलन ने चार साल के अनुक्रम का अंतिम चरण पूरा कर लिया है, जिसमें इंडोनेशिया, भारत, ब्राजील और अब दक्षिण अफ्रीका के बाद जी-20 का नेतृत्व विकासशील देशों के पास आ गया है।
