श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने अनुसंधान एवं विकास के व्यावसायीकरण के लिए राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य अनुसंधान को मूल्य-वर्धित उत्पादों में बदलना है, जिससे आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा मिले।
कल राष्ट्रपति सचिवालय में आयोजित शुभारंभ समारोह में बोलते हुए श्री दिसानायके ने श्रीलंका की वैश्विक बाजार प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए नवाचार को आधारशिला बताया।
गरीबी उन्मूलन में नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, राष्ट्रपति दिसानायके ने टिकाऊ आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पारंपरिक उद्योगों से प्रौद्योगिकी-संचालित विकास की ओर बदलाव का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने व्यावसायीकरण प्रयासों को सरल बनाने और जमीनी स्तर के नवप्रवर्तकों को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किए गए कार्यक्रम की वेबसाइट लॉन्च की। उन्होंने श्रीलंका के अनुसंधान में ऐतिहासिक रूप से कम निवेश को स्वीकार किया जो सकल घरेलू उत्पाद का 0.12 प्रतिशत है और एक मजबूत नवाचार ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
इस पहल की अध्यक्षता डॉ. नंदिका सनथ कुमानायके और प्रो. गोमिका उडुगामासूरिया करेंगे। इसमें अंतःविषय दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए विविध क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। तत्काल प्राथमिकताओं में पूर्ण किए गए शोध को बाजार के लिए तैयार उत्पादों में बदलना और श्रीलंका में निवेशकों की बढ़ती रुचि का लाभ उठाना शामिल है।
