काठमांडू, 23 अप्रैल । नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष रहे रवि लामिछाने को सहकारी घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट की एकल खंडपीठ ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोई अंतिम निर्णय नहीं सुनाया।
न्यायमूर्ति अब्दुल अजीज की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट की संयुक्त पीठ द्वारा की जाएगी। इसका मतलब है कि अगली सुनवाई तक लामिछाने को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा।
रवि लामिछाने पर बुटवल स्थित सुप्रीम सेविंग्स कोऑपरेटिव घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। इससे पहले, रूपनदेही जिला अदालत ने उन्हें एक करोड़ नेपाली रुपये की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि, 4 अप्रैल को हाई कोर्ट तुलसीपुर की बुटवल पीठ ने उस फैसले को पलटते हुए उन्हें हिरासत में भेजने के निर्देश दिए थे।
अब सुप्रीम कोर्ट की संयुक्त पीठ में होने वाली अगली सुनवाई में ही तय होगा कि उन्हें जमानत मिलेगी या नहीं। इस मामले को लेकर नेपाल की राजनीति और न्याय व्यवस्था में हलचल बनी हुई है।
