ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने चेतावनी दी है कि यदि ब्रिटेन सख्त आव्रजन नियमों को लागू नहीं करता, तो वह "अजनबियों का द्वीप" बनने का जोखिम उठा सकता है। आव्रजन श्वेत पत्र जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि स्थायी निवास प्राप्त करने के लिए निवास अवधि को पांच से बढ़ाकर 10 साल किया जा रहा है। इसके अलावा, सरकार प्रवासी श्रमिकों के लिए कौशल सीमा बढ़ाएगी, आवश्यक डिग्री स्तर को ऊंचा करेगी और अंग्रेजी भाषा की आवश्यकताओं को कड़ा करेगी।
श्वेत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि आव्रजन प्रणाली के हर क्षेत्र—काम, परिवार, और अध्ययन—को कड़ा किया जाएगा, जिससे सरकार को इस पर अधिक नियंत्रण मिल सके। प्रधानमंत्री स्टारमर ने यह भी वादा किया कि नए उपायों के तहत, अगले चार वर्षों में शुद्ध प्रवासन में "काफी" गिरावट आएगी।
उन्होंने इस प्रक्रिया के तहत विदेशी देखभाल कर्मियों की भर्ती पर प्रतिबंध लगाने, कुशल श्रमिक वीजा तक पहुंच को सख्त करने और नियोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च बढ़ाने की योजना का भी अनावरण किया। हालांकि उन्होंने कोई सटीक लक्ष्य नहीं बताया, लेकिन गृह कार्यालय के अनुमान के मुताबिक, इन नीतियों के प्रभाव से 2029 तक सालाना आव्रजन में 100,000 की गिरावट आ सकती है।
कंजर्वेटिव पार्टी ने भी वीजा नीति को सख्त करने के पक्ष में समर्थन की घोषणा की है। वहीं, लिबरल डेमोक्रेट्स ने सरकार की आव्रजन नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसे सही दिशा में लागू किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने ब्रिटिश श्रमिकों की भर्ती के लिए एक स्पष्ट योजना की आवश्यकता जताई है ताकि देश में रिक्तियों को भरा जा सके।
