कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) ने औपचारिक रूप से हथियार डालने और खुद को अलग करने की घोषणा की है, जिससे तुर्की में दशकों से जारी सशस्त्र संघर्ष की एक निर्णायक समाप्ति का संकेत मिला है। यह ऐतिहासिक कदम संगठन के जेल में बंद नेता अब्दुल्ला ओकलान द्वारा फरवरी में दिए गए शांति आह्वान के बाद उठाया गया है।
1978 में स्थापित PKK ने शुरुआत में तुर्की के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में कुर्दों के लिए स्वतंत्र मातृभूमि की मांग के साथ संघर्ष शुरू किया था। तुर्की की लगभग 20 प्रतिशत आबादी कुर्द समुदाय की है। वर्षों से PKK ने तुर्की के सैन्य और सुरक्षा ढांचे को निशाना बनाते हुए हथियारबंद गतिविधियाँ कीं, जिससे हजारों लोगों की जान गई।
हालांकि हालिया वर्षों में PKK ने अपने अलगाववादी रुख को नरम करते हुए स्वायत्तता और कुर्द अधिकारों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह परिवर्तन संगठन के राजनीतिक दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
PKK की यह घोषणा तुर्की और कुर्द समुदाय के बीच शांति प्रक्रिया को एक नई दिशा देने की संभावना रखती है। अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तुर्की सरकार इस घोषणा के जवाब में किस प्रकार की राजनीतिक पहल करती है और क्या यह क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
