बांग्लादेश में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ कथित अपराधों को लेकर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट जुलाई-अगस्त 2024 में हुए जन विद्रोह के दौरान हुए कथित सामूहिक हत्याकांड से संबंधित है।
न्यायमूर्ति गोलाम मार्तुजा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अदालत ने निर्देश दिया कि तीनों आरोपियों को 16 जून को अदालत में पेश किया जाए, और इसी दिन अगली सुनवाई भी तय की गई है।
इससे पहले, अभियोजन पक्ष ने शेख हसीना को जुलाई 2024 में हुए सामूहिक हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश की रिपोर्ट के अनुसार, असदुज्जमां और अल-मामून के खिलाफ भी इसी कांड में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं।
12 मई को ICT की जांच एजेंसी द्वारा दाखिल एक रिपोर्ट में शेख हसीना और अन्य दो व्यक्तियों पर मानवता के खिलाफ अपराधों के तहत आरोप लगाए गए थे। इस रिपोर्ट को मुख्य अभियोजक मोहम्मद तजुल इस्लाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक किया।
बीएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, शेख हसीना पहले से ही ICT में दो अन्य मामलों का सामना कर रही हैं—एक जबरन गायब किए जाने और न्यायेतर हत्याओं से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला 2013 में ढाका के शपला चत्तर में हिफाजत-ए-इस्लाम की रैली के दौरान हुई कथित हत्याओं से संबंधित है।
यह मामला बांग्लादेश की राजनीति में एक नए मोड़ की ओर इशारा करता है और देश के भीतर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी गंभीर प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।
