बार्सिलोना, स्पेन — इस गर्मी में स्पेन में फैली भीषण जंगल की आग जलवायु परिवर्तन के खतरों की गंभीर चेतावनी बनकर उभरी है। बार्सिलोना विश्वविद्यालय के जलवायु वैज्ञानिक जेवियर मार्टिन-वीड का कहना है कि यह केवल स्पेन ही नहीं, बल्कि पूरे यूरोप के लिए एक संकेत है कि आने वाले वर्षों में असामान्य रूप से गर्म मौसम अब उन क्षेत्रों में भी दस्तक देगा जहाँ अब तक हल्की गर्मियाँ पड़ती थीं।
2025 में अब तक जंगल की आग ने 403,000 हेक्टेयर से अधिक ज़मीन को अपनी चपेट में ले लिया है। इनमें से लगभग 350,000 हेक्टेयर सिर्फ़ अगस्त की शुरुआत के दो हफ्तों में ही जलकर खाक हो गए। मार्टिन-वीड ने इस स्थिति को रोकने के लिए अनुकूलन और रोकथाम की तत्काल आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आबादी के पलायन के कारण जंगलों का उचित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। जहाँ पहले चरने वाले जानवर सूखी वनस्पति को नियंत्रित रखते थे, वहीं अब यही वनस्पति आग के लिए ईंधन बन रही है।
आग के प्रसार को सीमित करने के लिए मार्टिन-वीड ने बेहतर भूमि प्रबंधन का सुझाव दिया। इसमें जंगलों और कृषि भूमि के मिश्रण से बने मोज़ेक-प्रकार के परिदृश्य को बढ़ावा देने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि कई किसान जलवायु बदलाव के अनुसार पहले से ही जैतून और अंगूर की खेती को ऊँचाई वाले इलाकों में ले जाकर समायोजन कर रहे हैं।
स्पेन की सरकार अब एक राष्ट्रव्यापी अग्नि-निवारण योजना बना रही है, जिसे मार्टिन-वीड का भी समर्थन प्राप्त है।
यह वर्ष अब तक स्पेन के लिए इस सदी का सबसे गंभीर जंगल की आग का मौसम साबित हुआ है। खासकर उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में 20 से अधिक बड़ी आग अभी भी जल रही हैं। आग के कारण 33,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन अग्निशामक भी शामिल हैं।
यह स्थिति स्पष्ट रूप से बताती है कि जलवायु परिवर्तन केवल भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि वर्तमान की वास्तविकता है।
