अमेरिकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य आईएस के लड़ाकों, बुनियादी ढांचे और हथियारों के ठिकानों को नष्ट करना है। यह हमला अमेरिकी सेना पर हुए एक घातक हमले के जवाब में किया गया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बताया कि ऑपरेशन "हॉकआई स्ट्राइक" के तहत लड़ाकू विमानों, हमलावर हेलीकॉप्टरों और तोपखाने का इस्तेमाल किया गया, और जॉर्डन के विमानों ने भी इस हमले में भाग लिया। हमलावरों ने मध्य सीरिया में कई आईएस ठिकानों को निशाना बनाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना आईएस के गढ़ों पर कड़ा प्रहार कर रही है। यह बयान उन्होंने इस महीने की 13 तारीख को पल्मायरा शहर में हुए इस्लामिक स्टेट के हमले के बाद दिया, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी दुभाषिया मारे गए थे। ट्रंप ने आईएस को चेतावनी दी कि भविष्य में अमेरिकियों पर किसी भी हमले का कठोर जवाब दिया जाएगा।
इस हमले के बाद, सीरिया ने भी आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और अपने आईएस से मुकाबला करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। बशर असद को सत्ता से हटाने के बाद से अमेरिका और सीरिया के बीच आईएस के खिलाफ बढ़ता सहयोग देखा जा रहा है।
