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नेपाली कांग्रेस में विभाजन रोकने के लिए नेताओं के बीच गतिरोध जारी

Date : 10-Jan-2026

 काठमांडू, 10 जनवरी । नेपाली कांग्रेस में विभाजन को रोकने को लेकर पार्टी के नेताओं के बीच दो दिन से जारी बातचीत का फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। हालांंकि विभिन्न पक्षों के बीच आंतरिक मतभेदों को सुलझाने को लेकर बातचीत जारी है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार शुक्रवार पूरे दिन और शनिवार सुबह से दोनों पक्षों के दूसरे-स्तर के नेताओं के बीच संवाद हो रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है।

नेपाली कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह संवादहीनता की स्थिति तो नहीं है, लेकिन समाधान भी अभी निकल नहीं पाया है।” नेता के मुताबिक, देउवा पक्ष विशेष महाधिवेशन को स्थगित किए जाने के बाद ही आगे बातचीत करने के रुख पर है, जबकि इतर (असंतुष्ट) पक्ष केवल विशेष महाधिवेशन पर ही अड़ा हुआ है। तथा दोनों पक्ष अपने-अपने रुख से टस-से-मस नहीं हो रहे हैं।

इसी बीच शुक्रवार शाम को गुरु घिमिरे, देवराज चालिसे समेत अन्य नेताओं ने शेखर कोइराला के साथ भी चर्चा की। शेखर कोइराला ने पहले ही पार्टी सभापति शेरबहादुर देउवा से मिलकर समाधान के लिए पहल करने का आग्रह कर चुके हैं। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि पुस महीने के दूसरे सप्ताह के आसपास निर्वाचन आयोग में एक निवेदन दायर किया गया था, जिसमें केंद्रीय समिति को विशेष महाधिवेशन बुलाने का निर्देश देने की मांग की गई है।

पार्टी विधान के अनुसार यदि 40 प्रतिशत महाधिवेशन प्रतिनिधि विशेष महाधिवेशन की मांग करते हैं तो उसे बुलाना अनिवार्य होता है। निवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 54 प्रतिशत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर पहले ही जुटाए जा चुके हैं और आवश्यक कार्रवाई के लिए आयोग से अनुरोध किया गया है।

पार्टी अध्यक्ष देउवा पक्ष ने इस कदम को पार्टी को विभाजित करने के प्रयास के रूप में देखा है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह कांग्रेस के भीतर बढ़ते विवाद पर करीबी नजर बनाए हुए है। शुक्रवार की प्रेस ब्रीफिंग में आयोग के प्रवक्ता एवं सहसचिव नारायणप्रसाद भट्टराई ने कहा कि कांग्रेस का महाधिवेशन विवाद पार्टी का आंतरिक विषय है।

उन्होंने कहा, “आंतरिक मामलों में अधिक हस्तक्षेप न करने की नीति के कारण अभी तक हमने कोई ठोस धारणा नहीं बनाई है। राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर नजर रखना आयोग की जिम्मेदारी है। हमें जानकारी तो है, लेकिन यह दल के भीतर लोकतंत्र का विषय होने के कारण आयोग ने फिलहाल इसमें प्रवेश नहीं किया है।”

भृकुटीमंडप में 11-12 जनवरी को तय विशेष महाधिवेशन के लिए देशभर से प्रतिनिधियों के काठमांडू पहुंचने का क्रम जारी है। पीछे न हटने के मूड में दिख रहे महामंत्रीद्वय गगन थापा और विश्वप्रकाश शर्मा, हस्ताक्षर करने वालों से 500 से अधिक प्रतिनिधियों को उतारने के दावे के साथ तेज़ी से तैयारियों में जुटे हुए हैं।


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