छत्तीसगढ़ स्थित कोयला जनहित उपक्रम साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में एक स्वास्थ्य कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह परियोजना एसईसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत ₹35.04 करोड़ की वित्तीय सहायता से कार्यान्वित की जाएगी।
प्रस्तावित संस्थान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कोयला खदान क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को निःशुल्क, कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी स्वास्थ्य सेवा प्रशिक्षण प्रदान करेगा। प्रशिक्षण में नर्सिंग सहायकों, तकनीशियनों और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रोजगार क्षमता में सुधार करना और कम सुविधा प्राप्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
इस परिसर में शैक्षणिक भवन, छात्रावास, कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं और संबद्ध अवसंरचना शामिल होगी। एसईसीएल के परिचालन जिलों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, और इन जिलों के लिए वार्षिक प्रवेश का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा 25 वर्षों की अवधि के लिए आरक्षित रहेगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।
यह समझौता ज्ञापन एसईसीएल के निदेशक (एचआर) बिरंची दास की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया और एसईसीएल के महाप्रबंधक (सीएसआर) सीएम वर्मा और श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी विवेक नारायण गौर द्वारा निष्पादित किया गया।
एसईसीएल और श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट, एसईसीएल की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा पहल 'एसईसीएल की धड़कन' के तहत पहले से ही साझेदारी में हैं, जिसके तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मुफ्त उपचारात्मक सर्जरी प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम के तहत 180 से अधिक जीवनरक्षक सर्जरी पूरी की जा चुकी हैं, जिससे कोयला क्षेत्रों में वंचित परिवारों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार हुआ है।
एसईसीएल ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सीएसआर पहलों पर 850 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं, जिससे यह कोयला पट्टी क्षेत्र में सामाजिक विकास के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक बन गया है।
