काठमांडू, 09 जनवरी । प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और नेकपा (एमाले) के अध्यक्ष तथा पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बीच गुरुवार को तीन घंटे से अधिक समय तक वन टूव वन वार्ता हुई। इस बैठक का मुख्य विषय आगामी पांच मार्च को होने वाले चुनाव रहे।
ओली गुरुवार सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री के सरकारी आवास बालुवाटार पहुंचे थे। प्रधानमंत्री कार्की के प्रेस सलाहकार राम रावल ने बताया कि शुरुआत में वह प्रधानमंत्री के पति दुर्गा सुबेदी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने आए थे, लेकिन जल्द ही यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक बातचीत में बदल गई।
रावल के मुताबिक, बातचीत सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई और दोपहर लगभग 2:30 बजे तक चली। रावल ने बताया कि चर्चा का मुख्य फोकस पांच मार्च को होने वाले चुनाव रहे। रावल ने कहा, “दोनों नेताओं के बीच तीन घंटे से अधिक समय तक एकांत संवाद हुआ। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच विश्वास का माहौल बना है।”
वार्ता के दौरान ओली ने प्रधानमंत्री को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी एमाले चुनाव में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगी। रावल के अनुसार, “ओली ने सरकार को भरोसा दिलाया कि एमाले की ओर से चुनाव के दौरान किसी भी तरह का अवरोध या हिंसा नहीं होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि ओली ने पार्टी की ओर से चुनाव में भाग लेने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में उतरने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
रावल ने बताया कि बैठक के दौरान ओली ने प्रधानमंत्री कार्की के पति के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। इसके अलावा, उन्होंने चुनावी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई, जिस पर प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार ने सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं और एमाले से आत्मविश्वास के साथ चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया।
उल्लेखनीय है कि 08 और 09 सितंबर को हुए ‘जेन-जी आंदोलन’ के बाद ओली सत्ता से बाहर हुए थे और 12 सितंबर को सुशीला कार्की प्रधानमंत्री बनी थीं। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक सीधा संवाद नहीं हो पाया था। हालांकि प्रधानमंत्री कार्की ने पद संभालने के दो महीने बाद विभिन्न राजनीतिक दलों से बातचीत शुरू की थी, लेकिन ओली के साथ यह उनकी पहली विशुद्ध एकांत बैठक थी।
