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विश्व हिंदी दिवस: भाषा से संस्कृति और तकनीक तक का सफर

Date : 10-Jan-2026

हिंदी भारत में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। यह केवल संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं, संस्कृति और पहचान से भी गहराई से जुड़ी हुई है। भारत में बोली जाने वाली तमाम भाषाओं में हिंदी का स्थान सबसे ऊपर है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, देश में 60 करोड़ से अधिक लोग हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में भी हिंदी को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, जिससे इसकी व्यापकता और महत्व और बढ़ जाता है।


हिंदी भाषा के सम्मान और प्रचार-प्रसार के लिए हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है। आमतौर पर लोग राष्ट्रीय हिंदी दिवस के बारे में जानते हैं, लेकिन विश्व हिंदी दिवस के बारे में जानकारी कम ही लोगों को होती है। विश्व हिंदी दिवस हिंदी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह राष्ट्रीय हिंदी दिवस से अलग है, जो हर वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाने के पीछे एक ऐतिहासिक कारण है। दरअसल, 10 जनवरी 1975 को नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। इस ऐतिहासिक आयोजन में 30 देशों से आए 122 प्रतिभागियों ने भाग लिया था, जिसने हिंदी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विश्व हिंदी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित करना है। यह दिवस यह संदेश देता है कि हिंदी केवल भारत तक सीमित भाषा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक संवाद की भी एक सशक्त भाषा बन सकती है।

विश्व हिंदी दिवस मनाने की आधिकारिक शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से हर साल इस दिन विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक केंद्रों में भी हिंदी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

साल 2026 में विश्व हिंदी दिवस की थीम ‘हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक’ रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य यह दर्शाना है कि हिंदी न केवल एक पारंपरिक और समृद्ध भाषा है, बल्कि तकनीकी और डिजिटल युग में भी इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कोडिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी के उपयोग को आसान और प्रभावी बनाने के लिए सरकार और विभिन्न संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही हैं, ताकि हिंदी आने वाले समय में वैश्विक तकनीकी भाषा के रूप में भी अपनी पहचान बना सके।

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