काठमांडू, 03 अप्रैल नेपाल चीन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में बातचीत बढ़ा रहा है। खासकर प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद नेपाल की चीन से बातचीत तेज हो गई है।
चीन नेपाल में अपनी दिलचस्पी दिखा रहा है। उसने दोनों दिशाओं से बॉर्डर क्रॉसिंग खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। चीन एवं नेपाल के बीच बातचीत और यात्राओं को बढ़ाना सार्थक माना जा रहा है।
अगले शुक्रवार को नेपाल और चीन के बीच द्विपक्षीय राजनयिक परामर्श तंत्र की बैठक होगी। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग में होने वाली इस बैठक की अगुवाई विदेश सचिव भरतराज पौडयाल और चीन के उप विदेश मंत्री वेइदॉन्ग करेंगे।
द्विपक्षीय राजनयिक परामर्श तंत्र की यह बैठक 15वीं है और कहा जा रहा है कि इसमें पिछले फैसलों और समझौतों के कार्यान्वयन करने की समीक्षा की जाएगी। साथ में दोनों देशों के बीच फंसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।
30 मार्च को नेपाल के वाणिज्य सचिव मधु कुमार मरासिनी चीन के तिब्बत पहुंचे और रसुवागढ़ी केरुंग क्रॉसिंग को फिर से खोलने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिसके मुताबिक एक अप्रैल को तीन महीने के बाद दो तरफा तरीके से क्रॉसिंग को फिर से खोल दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चीन परिषद के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में एक दल ने मार्च माह के मध्य में नेपाल का दौरा किया और लौट गया। चीन के विदेशी निवेश और व्यापार के बारे में प्रतिनिधिमंडल ने खुलासा किया कि वह नेपाल में एक चीनी बैंक की शाखा खोलने का अध्ययन करेगा।
दिसंबर के अंत में, चीनी तकनीशियनों की छह सदस्यीय टीम रेलवे की व्यवहार्यता का अध्ययन करने आई थी। चाइना रेलवे फर्स्ट सर्वे एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ग्रुप ने नेपाल के उत्तर से रेलवे की तकनीकी चुनौतियों पर प्रारंभिक अध्ययन किया।
