सर्वधर्म शांति प्रार्थना सभा: संयुक्त राष्ट्र में गूंजा 'सर्वे भवंतु सुखिनः' | The Voice TV

Quote :

"जिन्दगी के लक्ष्य में प्राप्ती करते समय सिर्फ 2 सोच रखनी चाहिए, अगर रास्ता मिल गया तो ठीक, नहीं तो रास्ता में खुद बना लूँगा।"

International

सर्वधर्म शांति प्रार्थना सभा: संयुक्त राष्ट्र में गूंजा 'सर्वे भवंतु सुखिनः'

Date : 15-Apr-2023

 न्यूयॉर्क, 15 अप्रैल | पूरी दुनिया पर मंडरा रहे युद्ध के बादल के बीच संयुक्त राष्ट्र संघ में विश्व शांति के लिए सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र में 'सर्वे भवंतु सुखिनः' की गूंज सुनी गयी।

संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध और राजनीतिक ध्रुवीकरण से तबाही की कगार पर पहुंची दुनिया के लिए एकता का आह्वान करते हुए प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के विजिटर्स प्लाजा में प्रतिष्ठित नॉटेड गन मूर्तिकला के सामने यह प्रार्थना सभा उस समय आयोजित की गयी, जब रमजान का अंतिम शुक्रवार है, ईसाई ईस्टर मना रहे हैं, यहूदी फसह के अंत का त्योहार मना रहे हैं और हिंदू व सिख बैसाखी उत्सव का आनंद ले रहे हैं।

गुटेरेस ने कहा कि सभी धर्मों के लोग यहां समान कारणों से इकट्ठा हुए हैं। शांति प्रार्थना सभा में हिंदू मंदिर सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका के सचिव और कोषाध्यक्ष रामास्वामी मोहन, ब्रोंक्स में मस्जिद-उर-रहमाह मस्जिद के इमाम मूसा कब्बा और द एस्पेन इंस्टीट्यूट के धर्म और समाज कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक सिमरन जीत सिंह शामिल हुए।

रामास्वामी मोहन ने 'नमस्ते' के साथ सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह खूबसूरत आयोजन बैसाखी के दिन हो रहा है, जो बड़ी संख्या में हिंदुओं के लिए नए साल का दिन है। संस्कृत मंत्र 'ओम स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयंतम्' और 'ओम सर्वे भवंतु सुखिनः' का पाठ करने के बाद मोहन ने सभा को बताया कि प्राचीन ऋषियों द्वारा लिखी गई संस्कृत प्रार्थनाओं में भगवान की कृपा होती है। उन्होंने कहा, उनके पास एक संदेश है, "सभी लोगों के लिए खुशी हो, देश के शासक सभी के लिए धार्मिकता और न्याय के साथ शासन करें और सभी प्राणियों का कल्याण हो- पशुओं से लेकर बुद्धिमान लोगों तक, सभी रोगमुक्त हों, सभी ऐश्वर्य का उपभोग करें और किसी को भी दु:ख का अनुभव न हो।

सिख प्रार्थना के लिए बुलाए गए सिमरन जीत सिंह ने कहा, आज बैसाखी है, जो सिख कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण दिन है और इस दिन दुनिया भर के सिख दया, उदारता और न्याय के अपने मूल्यों को मना रहे हैं और प्रतिबिंबित कर रहे हैं।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement