छतरपुर/भोपाल, 21 सितंबर (हि.स.)। जी 20 समूह देशों के प्रतिनिधिमंडल की दो दिवसीय बैठक खजुराहो के महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार से शुरू हुई। चौथी इंफ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप की बैठक के पहले दिन कई बहुआयामी मुद्दों पर चर्चा कर इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की चुनौतियों और समस्याओं से निपटने के उपाय सुझाए गए। साथ ही साझा रणनीति के जरिए चुनौतियों के निराकरण के संबंध में चर्चा की गई। इस वर्ष फरवरी माह में जी-20 के संस्कृति कार्य समूह की सफल बैठक के बाद खजुराहो में आयोजित यह दूसरी बैठक है।
बैठक के प्रथम सत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई विषयों पर आपसी संवाद किया गया। दूसरे सत्र में शहरी अधोसंरचना के विकास के संबंध में निजी निवेश पर राउंडटेबल डिस्कशन किया गया। बैठक में कुछ देशों के प्रतिनिधि वर्चुअल भी जुड़े और निर्धारित विषय पर अपने अनुभव साझा किए।
बैठक में छतरपुर कलेक्टर संदीप जी.आर. ने जी-20 समूह देश के डेलीगेट्स को संबोधित करते हुए छतरपुर और खजुराहो के विकास संबंधी कार्ययोजना से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि छतरपुर महाराजा छत्रसाल की नगरी है। जिले के चंदेलकालीन तालाब और बुंदेली संस्कृति एवं कला अद्भुत है। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या के साथ शहरीकरण की चुनौतियों का उल्लेख किया।
कलेक्टर ने कहा कि मंदिर नगरी खजुराहो में लोगों की आय और आजीविका का मुख्य जरिया पर्यटन है। उन्होंने पुरातत्व विभाग द्वारा प्राचीन धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने सांची के बाद खजुराहो को सोलर सिटी बनाने तथा युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। साथ ही फ्रूट फॉरेस्ट के विकास, शहरी अधोसंरचना विकास मॉडल की स्थापना, निकाय बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया, शहरी क्षेत्र में ई-रिक्शा को बढ़ावा के प्रयास, स्वास्थ्य सुविधाओं, विकास के विभिन्न आयाम, जिले में निजी निवेश की संभावनाओं का जिक्र भी किया।
डेलीगेट्स ने बैठक में शामिल होने के पहले होटल द ललित में योगा सत्र में भी भाग लिया। बैठक के दूसरे दिन 22 सितम्बर को प्रतिनिधिमंडल को खजुराहो के पश्चिम मंदिर समूह और रनेह फॉल का भ्रमण भी कराया जाएगा।
