22वें विधि आयोग ने सरकार को पॉक्‍सो अधिनियम के तहत सहमति की वर्तमान उम्र बरकरार रखने की सिफारिश की | The Voice TV

Quote :

" जो स्वयं पर विजय पा लेता है, उसे संसार पराजित नहीं कर सकता।"

National

22वें विधि आयोग ने सरकार को पॉक्‍सो अधिनियम के तहत सहमति की वर्तमान उम्र बरकरार रखने की सिफारिश की

Date : 30-Sep-2023

 22वें विधि आयोग ने सरकार को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण, पॉस्को (POCSO) अधिनियम के तहत सहमति की मौजूदा उम्र को बरकरार रखने की सिफारिश की है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसे कम करने से बाल विवाह और बाल तस्करी के खिलाफ लड़ाई में हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। भारत में सहमति की वर्तमान आयु 18 वर्ष है। इसमें यह भी कहा गया है कि उन मामलों में स्थिति का समाधान करने के लिए POCSO अधिनियम में कुछ संशोधन लाने की आवश्यकता है जहां 16 से 18 वर्ष की आयु के बच्चे की ओर से कानून में सहमति नहीं बल्कि मौन स्वीकृति है। यह राय दी गई कि ऐसे मामलों को उतनी गंभीरता से नहीं निपटाया जाना चाहिए जितना कि उन मामलों को माना जाता है, जिन्हें आदर्श रूप से POCSO अधिनियम के तहत लाने की कल्पना की गई थी। आयोग ने इस महीने की 27 तारीख को कानून मंत्रालय को "यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम, 2012 के तहत सहमति की आयु" शीर्षक से रिपोर्ट सौंप दी है।

 
 

RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement