देहरादून, 16 मई । केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 'श्री अन्न' महोत्सव में मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पोषक युक्त अनाज को 'श्री अन्न' का नाम दिया गया। भारत के योग, अनाज को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। यह दोनों स्वास्थ्य के लिहाज से लाभकारी साबित हो रहा है। यह बदलते भारत की शक्ति के प्रभाव का असर है।
मंगलवार को सर्वे ऑफ इंडिया स्टेडियम, हाथीबड़कला में चार दिवसीय उत्तराखंड 'श्री अन्न' मिलेट्स महोत्सव के अंतिम दिवस कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री तोमर ने बतौर मुख्य अतिथि यह बातें कहीं। इस मौके आचार्य बालकृष्ण, वित्त मंत्री प्रेम चंद और कृषि मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद थे।
केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि पोषक अनाज को प्रधानमंत्री ने 'श्री अन्न' का नाम दिया है। देश के विभिन्न राज्यों में परम्परागत 08 प्रकार के मोटे अनाज उगाए जाते हैं। चावल और गेहूं के दौर में मोटे अनाज का उपयोग कम हुआ करता था। तब समाज में एक धारणा बन गयी थी कि मोटा अनाज गरीबों का है, आज बढ़ते बीमारी में मिलेट्स अनाज की उपयोगिता बढ़ने लगी है और 'श्री अन्न' अमीरों की थाली का भोजन बन गया है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि देश में विकास की बात हो या उद्योग लगाने का स्टार्टअप, स्किल इंडिया हो सब में भारत की शक्ति को विश्व के लोहा मनवाने की सोच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की है। उन्होंने कहा कि कोई सहमत हो या न लेकिन दुनिया के अर्थशास्त्री भारत की क्षमता को स्वीकार कर रहे हैं। भारत की विशेषता दुनिया की विशेषता बने, इस उद्देश्य के लिए प्रधानमंत्री कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप भारत का योग ,विश्व का योगा बन गया, मोटा अनाज भारत का है, लेकिन विश्व के लोग स्वीकार कर रहे हैं। यह है बदलते भारत की शक्ति।
उन्होंने कहा कि मोटे अनाज की मांग कम होने पर उत्पादन कम होने लगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2018 में पोषक अनाज के लिए अभियान चलाया। 72 देशों ने प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को स्वीकार किया। इस आयोजन से मिलेट्स की महता और उत्पादन बढ़ेगा। मोटे अनाज की खेती में फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं पड़ती। 85 प्रतिशत देश के छोटे किसान खेती कर सकते हैं। जब अगुवाई भारत कर रहा है तो उत्पादन और निर्यात बढ़ेगा, जिससे आर्थिकी भी बढ़ेगी। उत्तराखंड विभिन्न जलवायु के साथ खेती के लिए भी अनुकूल और उपयुक्त है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार लगातार खेती को बढ़ावा देने का काम कर रही है। पहले 21 हजार करोड़ कृषि का बजट हुआ करता था,आज 01 लाख 25 हजार करोड़ है। जैविक, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राशि को बढ़ाया गया है। पांच साल में उत्तराखंड को नजदीक से देख रहा हूँ । उत्तराखंड सरकार पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य में अग्रणी है। अनुसंधान, विकास, हॉर्टिकल्चर सहित हर क्षेत्र में केन्द्र सहयोग करेगी।
इस मौके पर आचार्य बाल कृष्ण, वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, कृषि सचिव बीबीआरसी पुरषोत्तम,कृषि निदेशक गौरीशंकर, विनय कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान और विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
