नई दिल्ली, 16 मई । मानसून इस बार कुछ दिनों की देरी से केरल पहुंचेगा। मौसम विभाग के अनुसार केरल में मॉनसून की शुरुआत 4 जून को होने की संभावना है। केरल में दक्षिण पश्चिम मॉनसून आमतौर पर 1 जून को लगभग 7 दिन आगे या पीछे पहुंचता है। पिछले साल मानसून 29 मई को केरल के तट पर पहुंचा था।
भारत में में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का आगमन केरल में मानसून के आरंभ से होता है और गर्म और शुष्क मौसम को वर्षा ऋतु में बदलने इशारा करता है। जैसे-जैसे मॉनसून उत्तर की ओर बढ़ता है झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलती है।
इस बीच मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान हरियाणा और दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों तथा अगले दो दिनों के दौरान मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में धूल भरी आंधी और धूल भरी हवा चलने की संभावना है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि हाल ही में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहा है और अब तेज हवा चल रही हैं। पिछले एक हफ्ते से तापमान काफी अधिक रहा और ज्यादातर 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहा।
मौसम विभाग के अधिकारी के अनुसार वातावरण शुष्क है और गर्म वातावरण के कारण मिट्टी हलकी हो जाती है। इसलिए 40-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं सतह से धूल उठा रही हैं और इसे वायुमंडल में फैला रही हैं। मुख्य रूप से ये 1-2 किमी की ऊंचाई तक फैल रही हैं।
