ट्रंप बोले, बढ़ा रहा हूं संघर्ष विराम, करूंगा ईरान के साझा प्रस्ताव का इंतजार, पाकिस्तान में बातचीत की मेज सूनी, लेबनान-इजराइल करीब आए | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

International

ट्रंप बोले, बढ़ा रहा हूं संघर्ष विराम, करूंगा ईरान के साझा प्रस्ताव का इंतजार, पाकिस्तान में बातचीत की मेज सूनी, लेबनान-इजराइल करीब आए

Date : 22-Apr-2026

 वाशिंगटन/तेहरान/इस्लामाबाद, 22 अप्रैल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बार ईरान के साथ अनपेक्षित संघर्ष विराम (युद्ध विराम/सीज फायर) का एलान किया है। वह चाहते हैं कि ईरान एक बार फिर बातचीत की मेज पर लौटे। इस्लामाबाद में शांति वार्ता के लिए कुर्सी और मेज सजा चुके पाकिस्तान को ट्रंप के ताजा रुख से ईरान के भी नरम पड़ने की उम्मीद है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को घोषणा की कि वह ईरान के साथ संघर्ष विराम को "तब तक के लिए बढ़ा रहे हैं जब तक कि उनके नेता और प्रतिनिधि कोई एक साझा प्रस्ताव लेकर नहीं आ जाते।" उनके इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि बहुत हो गया। वह अब संघर्ष विराम की समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाएंगे। इसके उलट लेबनान और इजराइल के बीच शांति और सुलह की बड़ी उम्मीद जगी है। दोनों गुरुवार को बातचीत की मेज पर बैठने वाले है।

सीबीएस न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए "एक बेहतरीन समझौता हो जाएगा।" उन्होंने तर्क दिया कि तेहरान के पास शांति वार्ता के एक नए दौर में शामिल होने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है, भले ही वहां की सरकार यह कह रही है कि इस हफ्ते पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल होने की उसकी कोई योजना नहीं है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका नाकाबंदी खत्म कर देता है, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि ईरान सचमुच नहीं चाहता कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो। अमेरिका ने उसे बंद कर दिया है, इसलिए वह अपनी इज्जत बचाने के लिए बेवजह की बात कर रहा है। उन्होंने कहा, "चार दिन पहले कुछ लोग मेरे पास आए और कहा ईरान चाहता है अमेरिका तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दे। मैंने कहा कि अगर ऐसा कर दूंगा तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता, जब तक कि हम उनके बाकी देश को और उनके नेताओं को उड़ा न दें।"

इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका गुरुवार को वाशिंगटन में इजराइल और लेबनान के बीच राजदूतस्तरीय वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी करेगा। अधिकारी ने कहा, "हम दोनों सरकारों के बीच सीधी और सद्भावनापूर्ण चर्चा को सुविधाजनक बनाना जारी रखेंगे।" दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत में अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रूबियो, इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी, अमेरिका में इजराइली राजदूत येचिएल लीटर, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा, अमेरिका में लेबनानी राजदूत नाडा हमादेह और विदेश विभाग के काउंसलर माइक नीधम शामिल हो सकते हैं। वार्ता का पहला दौर 14 अप्रैल को हुआ था। इसमें इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय संघर्ष विराम समझौता हुआ था।

अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में आए बदलाव के बीच यूएस सेंट्रल कमांड का कहना है कि संघर्ष विराम के दौरान भी सेना की सभी शाखाएं युद्ध के लिए तैयार हैं। कमांड की एक वीडियो क्लिप में लड़ाकू विमान, जहाज़ और अमेरिकी सैनिक दिखाई दे रहे हैं। साथ ही कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नजर आ रहे हैं। कूपर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम फिर से हथियार जुटा रहे हैं। हम खुद को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं और अपनी रणनीति और तकनीक में बदलाव कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "दुनिया में कोई भी ऐसी सेना नहीं है जो हमारी तरह खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाल सके और युद्धविराम के इस दौर में हम ठीक यही कर रहे हैं।"

पाकिस्तान के अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका के 'रुख में आई नरमी' के बाद ईरान भी वैसा ही जवाब देगा। अधिकारियों का कहना है कि बंद दरवाजों के पीछे असली कूटनीति चल रही है। उम्मीद है ईरान बातचीत की मेज पर वापस आएगा। उधर, पाकिस्तान ने शांति वार्ता के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। राजधानी इस्लामाबाद में स्कूल और दफ्तर बंद हैं। रेड जो का दायरा बढ़ा दिया गया है। मध्यस्थों की हर मुमकिन कोशिश है कि ऐसा माहौल बनाया जा सके जहां दोनों पक्ष आकर आपस में बातचीत कर सकें। पाकिस्तान दोनों पक्षों को साझा मुद्दों पर एक साथ लाने की कोशिश कर रहा है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement