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राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑनलाइन गेमिंग विनियमन सहित कई अहम विधेयकों को दी मंज़ूरी

Date : 23-Aug-2025

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑनलाइन गेमिंग के संवर्धन और विनियमन विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस नए अधिनियम का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक ऑनलाइन गेम्स को प्रोत्साहित करना है, जबकि हानिकारक ऑनलाइन मनी गेमिंग गतिविधियों, उनके विज्ञापनों और वित्तीय लेन-देन पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रावधान है।

इस अधिनियम के तहत एक "ऑनलाइन गेमिंग प्राधिकरण" की स्थापना की जाएगी, जो इस क्षेत्र में नीतिगत समर्थन, रणनीतिक विकास और निगरानी सुनिश्चित करेगा। खासतौर पर युवाओं और कमजोर वर्गों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानि से बचाने के लिए यह अधिनियम महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कानून के उल्लंघन की स्थिति में तीन साल तक की जेल, एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या दोनों का दंड दिया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने निम्नलिखित प्रमुख विधेयकों को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है:

1. आयकर अधिनियम, 2025

इसका उद्देश्य वर्तमान आयकर कानून को समेकित और अद्यतन करना है।

2. कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025

यह 1961 के आयकर अधिनियम और वित्त अधिनियम, 2025 में संशोधन करेगा।

3. प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025

इस अधिनियम के तहत गुवाहाटी, असम में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की स्थापना की जाएगी, जिससे पूर्वोत्तर भारत को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

4. खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2025

  • यह अधिनियम पट्टाधारकों को अपने पट्टों में अन्य खनिजों को शामिल करने के लिए आवेदन की अनुमति देता है।

  • लिथियम, ग्रेफाइट, निकल, कोबाल्ट, सोना और चांदी जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

  • अधिनियम के तहत राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट की स्थापना की जाएगी, जिससे खनिज अन्वेषण के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।

5. भारतीय बंदरगाह अधिनियम, 2025

इस अधिनियम का उद्देश्य प्रमुख बंदरगाहों के अलावा अन्य बंदरगाहों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

  • इसमें राज्य समुद्री बोर्डों की स्थापना,

  • समुद्री राज्य विकास परिषद का गठन,

  • और बंदरगाहों पर प्रदूषण नियंत्रण, सुरक्षा, आपात स्थिति प्रबंधन आदि के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

इन सभी विधेयकों को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब कानून का दर्जा मिल चुका है और यह विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव डालेंगे, जैसे डिजिटल सुरक्षा, आर्थिक प्रबंधन, शिक्षा, खनिज नीति और समुद्री अवसंरचना।


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