जोधपुर, 10 जनवरी । जोधपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय माहेश्वरी महाधिवेशन एवं ग्लोबल एक्सपो का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में देश के कई शीर्ष नेता, केंद्रीय मंत्री, जनप्रतिनिधि और देश-विदेश से आए हजारों माहेश्वरी समाजजन शामिल हुए। महाधिवेशन समाज की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच बना।
महाधिवेशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आर्थिक विकास में माहेश्वरी समाज का योगदान ऐतिहासिक और अतुलनीय रहा है। “माहेश्वरी समाज के हाथ में तलवार भी उतनी ही अच्छी लगती है, जितनी तराजू।” उन्होंने समाज के भामाशाहों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समाज द्वारा दिए गए दानवीरों की सूची बनाई जाए, तो उसके कई पृष्ठ भर जाएंगे। उन्होंने कहा कि माहेश्वरी समाज कभी जॉब सीकर नहीं रहा, बल्कि हमेशा जॉब क्रिएटर रहा है और आने वाली सदियों तक यह समाज देश की सेवा करता रहेगा।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत को हर क्षेत्र में प्रथम स्थान पर लाने के लिए तीन बातों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, जिनमें देश में न बनने वाले उत्पादों का भी निर्माण, अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग तथा स्वभाषा का प्रयोग, विशेषकर घर और बच्चों के साथ संवाद में शामिल है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि मुगलों के दौर से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, माहेश्वरी समाज ने देश की आर्थिक रीढ़ को मजबूती दी। महात्मा गांधी के आंदोलनों के लिए भी समाज के सेठों ने आर्थिक सहयोग दिया। स्वतंत्रता के बाद उद्योग जगत में भी समाज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अमित शाह ने कहा कि समाज के बड़े आयोजनों पर टीका-टिप्पणी करने वाले लोग यह नहीं समझते कि ऐसे आयोजन भारत को जोड़ते हैं, तोड़ते नहीं। उन्होंने कहा कि यदि हर समाज अपने गरीब और जरूरतमंद भाई-बहनों की जिम्मेदारी स्वयं उठाए, तो देश से गरीबी समाप्त हो सकती है। यदि हर समाज आत्मनिर्भर बन जाए, तो पूरा भारत आत्मनिर्भर बन जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अगले वर्ष तक तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि दुनिया के 100 में से 50 डिजिटल भुगतान भारत में होते हैं। स्टार्टअप्स, ऑटोमोबाइल और दवा निर्माण में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब युवा पीढ़ी के कंधों पर है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मौके पर कहा कि जैसे भगवान शिव ने सृष्टि के कल्याण के लिए विष पिया, वैसे ही माहेश्वरी समाज ने भी सदैव त्याग और सेवा का मार्ग अपनाया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह अपने पूर्वजों के संस्कारों और मूल्यों को अपनाते हुए समाज और देश के विकास में योगदान दे। उन्होंने नवाचार, इनोवेशन और आर्थिक बदलाव को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा माहेश्वरी समाज को भेजे गए पत्र का वाचन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में महाधिवेशन के आयोजन के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि माहेश्वरी समाज सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का पर्याय है।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित देश-विदेश से आए हजारों समाजजन उपस्थित रहे।
