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मप्र के इंदौर में दूषित पानी से एक और महिला की मौत, मृतकों की संख्या 21 हुई

Date : 11-Jan-2026

इंदौर, 10 जनवरी । मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से एक और महिला की मौत हो गई। यह क्षेत्र में दूषित पानी से 21वीं मौत है। दूषित पानी से महिला की किडनी डैमेज हो गई थी। शनिवार को दोपहर में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, महिला सुनीता वर्मा (49) पत्नी सतीश निवासी फर्जी वाली गली को गत 7 जनवरी को एमवायएच में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उसकी हालत लगातार खराब होती चली गई और शनिवार दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। महिला के बेटे विकास ने बताया कि दूषित पानी पीने से उसकी मां की किडनी डैमेज हुई थी। रविवार को महिला का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

वहीं, दूसरी ओर भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के बाद स्थिति में तेजी से सुधार आ रहा है। अब धीरे-धीरे नए मरीजों की संख्या कम हुई है। इलाज के बाद मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज भी किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि आज डायरिया के 27 मरीज ओ.पी.डी. में आए, जिसमें से 05 रेफरल किए गए है। वर्तमान में अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या 41 है, ‍‍‍जिसमें से आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या 12 है।

क्षेत्र में अभियान स्वास्थ्यवर्धन प्रारंभ, 1018 घरों का सर्वे कर बाटें गए ओ.आर.एस. तथा जिंक के किटइंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई और अनुपम राजन ने शनिवार को भ्रमण कर व्यवस्थाओं का मैदानी जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई और अनुपम राजन ने अपने भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, स्वच्छता एवं ड्रेनेज सुधार कार्यों की मौके पर समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।

शनिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में अभियान स्वास्थ्यवर्धन के दौरान सेवाओं का विस्तार करते हुए गैर संचारी रोग, शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य की संपूर्ण जानकारी के लिए 51 दलों का गठन किया गया। इस दल में आशा कार्यकर्ता, एएनएम तथा नर्सिंग स्टूडेंट सम्मिलित थे, जिसके अंतर्गत 204 सदस्यों ने घर-घर जाकर सेहत की संपूर्ण जानकारी ली। हिमोग्लोबीनोमीटर से एनिमिया की जांच एवं ग्लूकोमीटर के द्वारा शुगर कीतथारक्तचापकी जांच कीगई। वजन-ऊंचाई नापीगई, उल्‍टी-दस्त के साथ संक्रमण से स्वस्थ हुए लोगों का फॉलोअप किया गया। साथ ही उपचार के संबंध में जानकारी दीगई। जिंक ओआरएस किट का वितरण किया गया।

इस दौरान 1018 घरों का सर्वे कर किट प्रदान की गई, प्रत्येक किट में 10 पैकेट ओ.आर.एस. तथा 30 गोलियां जिंक की हैं। अभियान के दौरान दलों ने पीड़ित लोगों को उपचार प्रदान करने हेतु स्वास्थ्य केंद्र तक लेकर आए तथा निशुल्क सेवाओं के तहत उपचार औषधि व रेफरल की सेवाएं भी प्रदान की। लोगों से हर हालत में भय मुक्त रहने का आग्रह कियागया। आज प्रभावित क्षेत्र में प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया, जिसमें उल्टी-दस्त से बचाव के बारे में जानकारी प्रदान की गई है। यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा।

कलेक्‍टर वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 03 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। मरीजों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है, जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जाँच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है।


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