नई दिल्ली, 12 जनवरी । कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के ग्राम रामापुर में दलित महिला रंजीता की हत्या को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने कड़ा विरोध जताया है। विहिप ने राज्य सरकार से दोषियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने बताया कि रंजीता सरकारी विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत कार्यरत थीं और अपने बेटे की शिक्षा एवं भविष्य के लिए संघर्ष कर रही थीं। संगठन का आरोप है कि एक युवक द्वारा विवाह के लिए लगातार दबाव बनाए जाने और इनकार करने पर सुनियोजित तरीके से उनकी गला रेतकर हत्या कर दी गई। विहिप ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर विफलता करार दिया है। विहिप ने कहा है कि कर्नाटक में हिंदू समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर दलित और गरीब महिलाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ऐसी घटनाएं सामान्य अपराध न होकर संगठित और वैचारिक घृणा से प्रेरित प्रतीत होती हैं, जो समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही हैं।
बागड़ा ने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मानसिकता से प्रेरित अपराधों में बढ़ोतरी और उन पर शासन-प्रशासन की नरमी चिंताजनक है। यदि सरकार तुष्टीकरण की नीति अपनाकर पीड़ित हिंदू समाज की पीड़ा की अनदेखी करती है, तो यह लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय के साथ
विश्वासघात होगा।
विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में लीपापोती या राजनीतिक दबाव के चलते ढिलाई बरती गई तो समाज में गहरा असंतोष फैलेगा, जिसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। विहिप ने स्पष्ट किया कि संगठन पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता, सामाजिक संरक्षण और नैतिक समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और दलित महिलाओं की हत्याओं को भुलाया नहीं जाएगा।
विहिप की चार प्रमुख मांगें-
-इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।
-पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी और बच्चों की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार ले।
-दलित महिलाओं के चरित्र को लेकर फैलने वाली अफवाहों, सोशल मीडिया ट्रायल और बदनामी पर सख्त कार्रवाई हो।
-जनजातीय और गरीब वर्ग की महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर विशेष संरक्षण और निगरानी तंत्र बनाया जाए।
