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गौरीकुंड तप्त कुंड के पुनर्निर्माण का कार्य तेज, श्रद्धालुओं के लिए बन रहे चेंजिंग रूम

Date : 30-Mar-2026

 रुद्रप्रयाग, 30 मार्च । केदारनाथ धाम के प्रमुख आधार शिविर गौरीकुंड में वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुए तप्त कुंड के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं।वर्ष 2013 की आपदा में गौरीकुंड स्थित तप्त कुंड पूरी तरह जमीदोज हो गया था। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासनिक प्रयासों से खुदाई के दौरान गर्म जल स्रोत का पुनः पता चला, जिसे अस्थायी रूप से नल के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराया गया। हालांकि, कुंड और चेंजिंग रूम के अभाव में श्रद्धालु यहां स्नान नहीं कर पा रहे थे।

स्थानीय विधायक आशा नौटियाल के प्रयासों से तप्त कुंड के जीर्णोद्धार के लिए बजट स्वीकृत किया गया, जिसके तहत वर्तमान में कुंड का पुनर्निर्माण और परिसर का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केदारनाथ यात्रा की शुरुआत गौरीकुंड से मानी जाती है। श्रद्धालु यहां स्नान कर स्वयं को शुद्ध कर आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करते हैं। मान्यता है कि इसी स्थान पर माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिसके कारण इस स्थल का नाम गौरीकुंड पड़ा।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजबिंद सिंह ने बताया कि आपदा के बाद कुंड की मूल संरचना, स्वच्छता और स्वरूप को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे इसकी धार्मिक गरिमा और उपयोगिता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि तप्त कुंड का संरक्षण केवल आधारभूत सुविधा का विकास नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय है।

प्रशासन का कहना है कि कार्य पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और इस पवित्र स्थल की गरिमा भी पुनर्स्थापित होगी।


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