31 मार्च । नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) ने विमानन अभियांत्रिकी और विमानन प्रबंधन सहित विमानन के व्यापक क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि इस समझौते पर डीजीसीए के फैज अहमद किदवई और जीएसवी के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर समारोह के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और डीजीसीए, रेलवे और जीएसवी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर बोलते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन सरकार द्वारा भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे कार्यबल के संदर्भ में समग्र विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में अपार सफलता प्राप्त की है।
देश में विमानन क्षेत्र के भविष्य के बारे में बात करते हुए श्री नायडू ने कहा कि विमानन क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम देश में विमानन विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को कितनी अच्छी तरह विकसित कर पाते हैं, और सरकार ने इसी पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले 5 वर्षों में देश ने विशेष रूप से रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) के क्षेत्र में जबरदस्त सफलता हासिल की है, जो लगभग 160 से बढ़कर 240 से अधिक हो गई है।
समापन भाषण में श्री वैष्णव ने दोहराया कि जीएसवी ने पहले ही विश्वव्यापी ख्याति अर्जित कर ली है और उद्योग जगत के लिए तैयार पेशेवरों को तैयार करने के लिए 62 उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग स्थापित किया है। उन्होंने विकसित भारत की पहल का समर्थन करने के लिए जीएसवी में सटीक विनिर्माण इंजीनियरिंग के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का आह्वान किया।
