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मौजूदा बजट सत्र को लेकर सरकार ने स्थिति साफ की, जल्द बुलाई जाएगी बैठक

Date : 02-Apr-2026

 नई दिल्ली, 02 अप्रैल । संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि सदन को आज स्थगित किया जाएगा और जल्द ही “बहुत महत्वपूर्ण” विधेयक पर विचार के लिए फिर से बुलाया जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री ने यह जानकारी उस समय दी, जब विपक्ष ने बजट सत्र की कार्यवाही को आगे बढ़ाने या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने को लेकर सवाल उठाए। रिजिजू ने कहा कि इस विषय पर सरकार विपक्ष के साथ चर्चा कर चुकी है और आगे की रणनीति तय करने के लिए कुछ हफ्तों बाद बैठक आयोजित की जाएगी।

दरअसल, संसद के चालू बजट सत्र की कार्यवाही अनिश्चतकाल के लिए स्थगित होगी या एक निश्चित समय के बाद दोबारा चलेगी, इसे लेकर स्थिति साफ हो गई है। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा है कि दो-तीन हफ्ते बाद फिर से बैठक बुलाई जाएगी।

राज्यसभा में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की मंशा और समय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हुआ था, तब विपक्ष ने इसे 2024 के चुनाव से लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार ने जनगणना और परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात कही थी, लेकिन 30 महीने तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के चुनावों को देखते हुए सरकार सक्रिय हुई है।

इससे पहले रिजिजू ने सदन को बताया कि आज सदन में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और जन विश्वास (धारा संशोधन) विधेयक को पारित किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। रिजिजू ने कहा कि सरकार ने इस विषय पर चर्चा के लिए विपक्ष को कई बार आमंत्रित किया है।

इस दौरान सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित करने में पूर्ववर्ती सरकारें तीन दशकों तक असफल रहीं, जबकि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इसे दो दिनों के भीतर पारित किया गया। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत के निर्माण की दृष्टि से देखे। आने वाले समय में जब संसद पहुंचकर 33 प्रतिशत महिलाएं देश का प्रतिनिधित्व करेंगी तो ये विकसित और सशक्त भारत की पहचान होगी।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इस विधेयक को लंबे समय तक लंबित रखा और अब चुनाव के समय इसे लाने की कोशिश की जा रही है।

खरगे ने कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर थी तो इसे पहले ही लाया जा सकता था। उन्होंने यह भी मांग की कि इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि सभी दल मिलकर एक साझा दृष्टिकोण बना सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करती है लेकिन इसे चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और कहा कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता जरूरी है।


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