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देश में 60 दिनों के कच्चा तेल का भंडार मौजूद, आठ राज्यों को कमर्शियल एलपीजी कोटा १० फीसदी बढ़ा

Date : 02-Apr-2026

 नई दिल्ली, 02 अप्रैल । पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच भारत के पास अगले 60 दिनों की मांग पूरा करने के लिए कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी संभावित उतार-चढ़ाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जानकारी दी है कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। पिछले एक महीने में 3.33 लाख पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को पश्चिम एशिया हालिया घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में देश के सामरिक ऊर्जा भंडार स्थिति पर आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सल्फर की कोई कमी नहीं है। हमारे रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार-चढ़ाव के बावजूद, ईंधन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

शर्मा ने कहा कि कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए भारत सरकार ने उत्पाद शुल्क में कटौती की है, जबकि इस बोझ का एक हिस्सा तेल विपणन कंपनियां वहन कर रही हैं। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 100 फीसदी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों और औद्योगिक मांग को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों के कोटे में अतिरिक्त 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेसवार्ता में कहा कि भारत सरकार ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और अपने दूतावास के ज़रिए उनकी सुरक्षित आवाजाही में मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 1,200 भारतीय नागरिकों को जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान से निकलकर आर्मेनिया और अजरबैजान जाने में मदद की गई है। इनमें से 996 लोग आर्मेनिया और 204 लोग अजरबैजान पहुंचे हैं। इसके अलावा हाल के दिनों में कई भारतीय नागरिकों को ईरान के भीतर ही ज्यादा सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही में मदद करने के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा कि भारत सरकार खाड़ी और पश्चिम एशिया में स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है, जिसमें भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एक समर्पित कंट्रोल रूम काम कर रहा है, जबकि मिशन और वाणिज्य दूतावास चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। इसके साथ ही वे सामुदायिक समूहों से जुड़ रहे हैं और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वय से नियमित परामर्श जारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मिशन वीजा, कांसुलर सेवाओं और ट्रांज़िट सहायता से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। महाजन ने बताया कि इसके तहत स्कूलों, शिक्षा बोर्डों और जेईई तथा नीट जैसी परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के साथ समन्वय स्थापित करके यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि उनका शैक्षणिक कार्यक्रम अप्रभावित रहे।

वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि 2 मार्च को गठित अंतर-मंत्रालयी समूह प्रमुख मंत्रालयों, भारतीय रिजर्व बैंक और विभागों के बीच दैनिक आधार पर वास्तविक समय समन्वय सुनिश्चित कर रहा है। इसे नाशवान माल उपसमूह, निर्यातक हेल्पलाइन और वस्तु स्तर समन्वय का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि सीमा शुल्क और बंदरगाह सुविधा, सुव्यवस्थित माल प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और निर्यात ऋण नियमों में ढील जैसे उपायों से व्यापार और रसद प्रवाह सुचारू रूप से चल रहा है।

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि 485 नाविकों वाले 18 भारतीय जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में ही मौजूद हैं। मुकेश मंगल ने संवादाताओं को बताया कि शिपिंग महानिदेशालय स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है। डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24X7 चालू रहता है और अब तक इस क्षेत्र से 975 से ज़्यादा भारतीय नाविकों की वतन वापसी में मदद की है, जिनमें से 11 नाविक पिछले 24 घंटों में वापस लौटे हैं।


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