देश में भूजल निगरानी के लिए अब तक स्थापित किए गए 47 हजार स्टेशनः केंद्र | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

देश में भूजल निगरानी के लिए अब तक स्थापित किए गए 47 हजार स्टेशनः केंद्र

Date : 02-Apr-2026

 नई दिल्ली, 02 अप्रैल । देश में भूजल स्तर और गुणवत्ता की निगरानी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक लगभग 27 हजार स्टेशन भूजल स्तर और 20 हजार स्टेशन भूजल गुणवत्ता की स्थापना की है। यही केंद्र भूजल के मानकों की निगरानी करते हैं।

लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना और अटल भूजल योजना के तहत अब तक 22 हजार डिजिटल जल स्तर रिकॉर्डर (डीडब्ल्यूएलआर) दूरसंचारित मापन प्रणाली (टेलीमेट्री) के साथ लगाए गए हैं, जो वास्तविक समय पर डेटा केंद्रीय सर्वरों तक पहुंचाते हैं।

उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत देशभर में 712 जल शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो समुदाय स्तर पर जल और भूजल से जुड़े मुद्दों पर संवाद और जानकारी प्रसार का केंद्र बने हैं। इसके अलावा, जल संचय जन भागीदारी पहल के तहत वर्षा जल संचयन को जन आंदोलन बनाने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक 49 लाख से अधिक संरचनाएं बनाई गई हैं।

राष्ट्रीय एक्वीफर मानचित्रण एवं प्रबंधन कार्यक्रम (नैक्विम) के पहले चरण में देश का लगभग 25 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मानचित्रित किया गया है। इसके बाद नैक्विम 2.0 शुरू किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक से प्राथमिक क्षेत्रों का वैज्ञानिक डेटा तैयार किया जा रहा है।

मिशन अमृत सरोवर के तहत देशभर में लगभग 69 हजार सरोवरों का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया है। अटल भूजल योजना ने सामुदायिक भागीदारी से भूजल प्रबंधन का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसके तहत 83 हजार से अधिक संरचनाएं बनीं और 9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दक्ष सिंचाई पद्धतियां अपनाई गईं।

देश में वार्षिक भूजल पुनर्भरण 2017 के 432 अरब घन मीटर (बीसीएम) से बढ़कर 2025 में 448.52 बीसीएम हो गया है। सुरक्षित आकलन इकाइयों का प्रतिशत 62.6 से बढ़कर 73.14 हुआ है, जबकि अति-शोषित इकाइयां 17.2 से घटकर 10.8 प्रतिशत रह गई हैं।

उन्होंने कहा कि भूजल के सतत उपयोग और संरक्षण के लिए मॉडल ‘ग्राउंडवॉटर विनियमन एवं नियंत्रण विधेयक’ राज्यों को भेजा गया है, जिसे अब तक 21 राज्यों ने अपनाया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) भी औद्योगिक और अन्य उपयोगों के लिए भूजल निकासी पर अनुमति और नियंत्रण का कार्य कर रहा है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement