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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में 59 आरोपित हुए अदालत में पेश

Date : 02-Apr-2026

 रायपुर, 02 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल सहित 59 आरोपितों को रायपुर की विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की अदालत(ईडी) में पेश किया गया। इन सभी आरोपितों की मौजूदगी में अदालत की कार्रवाई पूरी की गई। आज की सुनवाई में जांच एजेंसी ईडी ने अपना अंतिम परिवाद पेश किया।

विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की अदालत ने मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए 16 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।

ईडी ने आज पेश की गई 29,800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट का हवाला देते हुए कहा कि आरोपितों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, इसलिए उन्हें राहत नहीं दी जानी चाहिए। ईडी ने अदालत को बताया कि घोटाले में शामिल कई आबकारी अधिकारी अभी भी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इस कारण मुख्य आरोपितों की हिरासत या उन पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। अंतिम परिवाद दस्तावेज में घोटाले की पूरी कार्यप्रणाली और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का विस्तार से विवरण है।

आरोपितों के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि अदालत के सामने पहले से ही अभियोग पत्र पेश है। ईडी ने आज फाइनल अभियोग पत्र दाखिल किया, जिसमें पहले 23 आरोपित थे, अब बढ़ाकर 82 कर दिए गए हैं। सभी आरोपितों के बयान अदालत में धारा 88 के तहत दर्ज किए। कुल 82 आरोपितों में 23 की गिरफ्तारी हुई है। ईडी ने इस मामले में 50 से अधिक आबकारी अधिकारियों को तलब किया था, जिनमें से कई आज अदालत पहुंचे।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल, निरंजन दास सहित आबकारी विभाग के कई अधिकारी और अन्य आरोपित अदालत में उपस्थित रहे। सभी आरोपितों को एक-एक कर अदालत में पेश किया गया, जहां उनसे जुड़े दस्तावेज और बयान दर्ज किए गए। कवासी लखमा पर शराब घोटाले के सिंडिकेट से लगभग 70 करोड़ रुपये का कमीशन लेने का आरोप है। वे 15 जनवरी 2025 से रायपुर जेल में बंद थे और एक साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर हैं ।

छत्तीसगढ़ में विधान सभा चुनाव 2023 से ठीक पहले यह कथित शराब घोटाला सामने आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दावा है कि यह पूरे 3200 करोड़ रुपये का घोटाला है। इसमें छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समय आईएएस रहे अनिल टुटेजा पर आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनबर ढेबर के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने का आरोप है। अनवर रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भाई हैं। आरोप है कि साल 2019 में शराब की हर पेटी पर 75 रुपये और बाद के सालों में 100 रुपये तक वसूले गए थे।

डिस्टलरी संचालकों से कमीशन कमाने, नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों पर बेचने और कम एरिया में शराब की सप्लाई कर ज्यादा पैसे कमाने का मामला सामने आया था।


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