चुनाव 26 : दुर्गापुर पश्चिम सीट पर मुकाबला होगा दिलचस्प | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

चुनाव 26 : दुर्गापुर पश्चिम सीट पर मुकाबला होगा दिलचस्प

Date : 03-Apr-2026

 आसनसोल, 03 अप्रैल । दुर्गापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 1962 में इस सीट के गठन के साथ ही आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र में विधानसभा सीटों की संख्या छह से बढ़कर सात हो गई। रानीगंज, जामुड़िया और दुर्गापुर जैसे क्षेत्र लंबे समय तक वामपंथी दलों के मजबूत गढ़ माने जाते रहे।

इस सीट की सबसे खास बात यह रही है कि यहां किसी एक दल का लगातार वर्चस्व तो रहा, लेकिन बहुत कम मौकों पर कोई उम्मीदवार लगातार दो बार जीत दर्ज कर सका। कुल 15 चुनावों में से 11 बार माकपा ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को दो-दो बार सफलता मिली।

पहले चुनाव में कांग्रेस के आनंद गोपाल मुखर्जी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 1967 में माकपा के दिलीप कुमार मजूमदार ने उन्हें हराकर इस सीट पर वामपंथी राजनीति की नींव मजबूत की। इसके बाद दिलीप मजूमदार ने लगातार कई चुनाव जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। 1969 और 1971 के मध्यावधि चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की और फिर 1972 में कांग्रेस के तपन दास गुप्ता को हराकर अपनी पकड़ और मजबूत की।

1982 और 1987 में भी उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों को हराया और 1991 में एक बार फिर जीत दर्ज कर इस सीट से सात बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड आज भी उल्लेखनीय है और वामपंथी राजनीति के प्रभाव को दर्शाता है।

1996 में माकपा ने उम्मीदवार बदला और मृणाल बनर्जी को मैदान में उतारा। उन्होंने भी जीत हासिल की और 2001 तथा 2006 में लगातार जीत दर्ज कर अपनी हैट्रिक पूरी की।

2011 में परिसीमन के बाद यह सीट दुर्गापुर पूर्व के रूप में जानी जाने लगी और इस बार तृणमूल कांग्रेस के डॉ. निखिल कुमार बनर्जी ने माकपा उम्मीदवार को हराकर पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की। हालांकि 2016 में माकपा ने वापसी करते हुए संतोष देव राय के जरिए सीट फिर अपने कब्जे में ले ली।

2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप मजूमदार ने भाजपा के दिव्यांशु चौधरी को हराकर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। इस चुनाव में माकपा तीसरे स्थान पर खिसक गई, जो इस सीट के राजनीतिक बदलाव का संकेत था।

अब 2026 के चुनाव में एक बार फिर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस से प्रदीप मजूमदार, भाजपा से चंद्रशेखर बनर्जी, माकपा से सीमांत चटर्जी और कांग्रेस से देवेश चक्रवर्ती मैदान में हैं। नामांकन की अंतिम तिथि छः अप्रैल तय की गई है।

दुर्गापुर सीट का इतिहास यही बताता है कि यहां सत्ता परिवर्तन आम बात रही है और मतदाता समय-समय पर नए विकल्प को मौका देते रहे हैं। ऐसे में इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि माकपा अपनी पुरानी परंपरा को फिर से कायम कर पाती है या तृणमूल कांग्रेस लगातार जीत का सिलसिला बनाए रखकर नया इतिहास रचती है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement