03 अप्रैल भारतीय नौसेना ने आज विशाखापत्तनम स्थित नौसेना गोदी में स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरी को शामिल किया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह की अध्यक्षता की।
मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी का चौथा पोत है। इसके शामिल होने से भारत की स्वदेशी नौसेना क्षमता में मजबूती आई है। सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के भारत के लक्ष्य के लिए समुद्री शक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि देश की तटरेखा 11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी है और तीन तरफ से समुद्र से घिरी हुई है। भारत का लगभग 95 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है, जबकि ऊर्जा सुरक्षा भी समुद्र पर निर्भर करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसलिए एक मजबूत नौसेना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि नौसेना ने तनाव के दौर में वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा की है। यह हिंद महासागर, फारस की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य सहित प्रमुख क्षेत्रों में निरंतर उपस्थिति बनाए रखती है। उन्होंने आगे कहा कि आवश्यकता पड़ने पर नौसेना निकासी और मानवीय सहायता अभियानों का नेतृत्व भी करती है।
6,670 टन वजनी तारागिरी उन्नत स्टील्थ फीचर्स और आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है। 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी घटकों से युक्त यह तोप आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण की दिशा में हुई प्रगति को दर्शाती है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ दिनेश के. त्रिपाठी और वाइस एडमिरल संजय भल्ला समेत अन्य नौसेना अधिकारी भी उपस्थित थे।
