हिसार, 03 अप्रैल । इनेलो के राष्ट्रीय
संरक्षक एवं पूर्व मंत्री संपत सिंह ने वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता
में आने के बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों में नियुक्त सभी वर्तमान एवं पूर्व कुलपतियों
से जुड़े कथित घोटालों की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की है। हरियाणा
सरकार द्वारा तीन वर्तमान एवं एक पूर्व कुलपति के विरुद्ध कथित अनियमितताओं और वित्तीय
कुप्रबंधन की जांच के लिए विजिलेंस जांच के आदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि
ये मामले ‘हिमखंड का केवल ऊपरी हिस्सा’ मात्र हैं।
संपत सिंह ने शुक्रवार काे आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद
से सरकार द्वारा नियुक्त कई कुलपतियों पर धन के दुरुपयोग, नौकरियों की बिक्री, पक्षपात
तथा शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगते रहे हैं।
इसके बावजूद सरकार ने इन आरोपों पर समुचित संज्ञान नहीं लिया है।
संपत सिंह ने कहा कि यद्यपि एडीजीपी अरशिंदर
सिंह चावला एक सक्षम अधिकारी हैं, किंतु इस मामले की व्यापकता और गंभीरता को देखते
हुए एक बड़े स्तर की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय
के सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से युक्त न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की
और कहा कि केवल चार कुलपतियों तक जांच सीमित रखने से कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा,
क्योंकि कथित अनियमितताओं का दायरा काफी व्यापक है।
अपने शिक्षकीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए
उन्होंने कहा कि कई कुलपतियों ने अपने कार्यकाल के दौरान नियमों और प्रक्रियाओं की
अनदेखी करते हुए नियुक्तियां कर विश्वविद्यालयों को वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने
कहा कि कई कुलपतियों पर अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं।
