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खाद विक्रेताओं काे शासन के नियमों का पालन करने के निर्देश

Date : 25-Apr-2026

 जगदलपुर, 25 अप्रैल। बस्तर जिले में खाद की कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए कृषि विभाग के उपसंचालक ने जिले के सभी खाद थोक विक्रेताओं की बैठक लेकर उन्हें शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

कृषि विभाग के उपसंचालक राजीव श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि खाद की बिक्री केवल शासन द्वारा तय दरों पर ही की जाए। किसी भी प्रकार की मनमानी या अधिक दर वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में व्यापारियों को खाद वितरण से जुड़े हर नियम की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी दुकान में अनियमितता पाई गई, तो संबंधित दुकान का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। विभाग का यह कदम किसानों को सही दाम पर खाद उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में बस्तर जिले में सहकारी और निजी मिलाकर 177 खाद दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें बस्तर, बकावंड और जगदलपुर ब्लॉक से सामने आई हैं। इन क्षेत्रों में धान समेत अन्य फसलों की खेती अधिक होने के कारण खाद की मांग भी ज्यादा रहती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ विक्रेता नियमों की अनदेखी करते पाए गए हैं। किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने पिछले 15 दिनों में व्यापक जांच अभियान चलाया है। अब तक 177 दुकानों में से 43 दुकानों का निरीक्षण किया जा चुका है, जांच के दौरान 23 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 20 दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर 21 दिनों के लिए खाद बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया, जबकि 3 दुकानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

कार्रवाई के तहत जिन दुकानों का लाइसेंस निलंबित किया गया है, उनमें सुमीत ट्रेडर्स (मंगनार), डीपीएम फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड (भानपुरी) और केशरपाल स्थित श्रीराम ट्रेडिंग शामिल हैं। विभाग ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उपसंचालक ने बताया कि श्रीराम ट्रेडिंग और सुमीत ट्रेडर्स के संचालकों द्वारा बिना पॉश मशीन के खाद बिक्री और भंडारण व वितरण में अंतर पाया गया, जिसके चलते कार्रवाई की गई। वहीं डीपीएम फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड की दुकान पिछले एक साल से बंद होने के कारण उसका लाइसेंस निलंबित किया गया। अब किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी। व्यापारियों को चेतावनी दी है कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें।


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