केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत में आईफोन निर्माण इकाइयों में एक लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में उनके लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में महिलाओं की बड़ी भागीदारी
वैष्णव के अनुसार देश की कई इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयों में कुल कार्यबल का आधे से अधिक हिस्सा महिलाएं हैं। महिलाएं सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे जटिल क्षेत्रों में भी काम कर रही हैं।
उन्होंने पहले भी कहा था कि मेक इन इंडिया पहल से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं और बड़े पैमाने पर कौशल विकास के अवसर भी बढ़े हैं।
एप्पल इकोसिस्टम में रोजगार
भारत में एप्पल के इकोसिस्टम ने लगभग 2.5 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं, जिनमें करीब 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।
भारत में बढ़ा आईफोन उत्पादन
रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भारत में आईफोन उत्पादन लगभग 53 प्रतिशत बढ़कर 5.5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया, जबकि 2024 में यह करीब 3.6 करोड़ यूनिट था।
फिलहाल एप्पल अपने वैश्विक आईफोन उत्पादन का लगभग एक चौथाई हिस्सा भारत में बना रहा है। कंपनी हर साल दुनिया भर में लगभग 22 से 23 करोड़ आईफोन बनाती है।
निर्यात में स्मार्टफोन अग्रणी
2025 में आईफोन भारत से निर्यात होने वाला सबसे मूल्यवान उत्पाद बन गया, जिसका निर्यात लगभग 23 अरब डॉलर रहा।
इसके साथ ही स्मार्टफोन पहली बार भारत की सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गए, जिनका निर्यात जनवरी से दिसंबर 2025 के दौरान लगभग 30.13 अरब डॉलर रहा। इसमें एप्पल की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत रही।
